Checking Your Child’s Company

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बच्चों के लिए किशोरावस्था की उम्र का बहुत ही नाजुक दौर होता है। इस उम्र में बच्चे आसानी से भटक जाते हैं। ऐसे में पैरेट्स (Parents) के लिए जरूरी हो जाता है कि वे बच्चों को भटकने से पहले संभाल लें और उनका भविष्य अंधकार में न जाने दें। इसके साथ ही अभिभावकों की यह जिम्मेदारी भी बनती है कि वे अपने बच्चों को संस्कारी बनाएं और उन्हें जीवन मूल्यों के बारे में बताएं।