एक्टर नसीरुद्दीन शाह का विवादित बयान, नाजी जर्मनी से की सरकार की तुलना

0 216

मुंबई। किसी भी मुद्दे पर बेबाकी से अपनी बात कहने के मशहूर एक्टर नसीरुद्दीन शाह ने एक विवादित बयान दिया है। हाल ही में एक मीडिया इंटरव्यू नसीरुद्दीन शाह ने कहा कि भारतीय फिल्म इंडस्ट्री इस्लामोफिबिया से ग्रसित है। सबसे बड़ी बात कि सरकार की ओर से फिल्ममेकर्स को ऐसा सिनेमा तैयार करने के लिए प्रोत्साहन भी मिल रहा है।

उन्होंने सरकार पर निशाना साधते कहा कि, ‘मैं नहीं जानता कि फिल्म इंडस्ट्री में मुस्लिम समुदाय के साथ कोई भेदभाव किया जा रहा है या नहीं। मैं मानता हूं कि हमारा योगदान अहम है। इस इंडस्ट्री में पैसा ही भगवान है’। नसीरुद्दीन ने आगे ये भी कहा कि, ‘तालिबान को लेकर भारत ही नहीं दुनिया में मुस्लिमों के एक वर्ग द्वारा समर्थन दिए जाने या कथित तौर पर खुशी जताए जाने के बयान को गलत तरीके से पेश किया गया था।’

मैंने इंडस्ट्री में कभी भेदभाव महसूस नहीं किया: नसीर

‘इस इंडस्ट्री में आपकी इज्जत आपके पैसों को देखकर की जाती है। आज भी इंडस्ट्री के तीन खान अभिनेता टॉप पर है। उन्हें चुनौती नहीं दी जा सकती और आज भी वो सबसे ऊंचे स्थान पर है। मैंने इंडस्ट्री में कभी भेदभाव महसूस नहीं किया।

इंडस्ट्री में बन रही है प्रोपेगेंडा फिल्में

शाह ने आगे कहा कि फिल्म इंडस्ट्री को अब सरकार की ओर से विचार के समर्थन वाले फिल्में बनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। ऐसी फिल्मों को बनाने के लिए फंड भी दिया जाता है जो सरकार के विचारों का समर्थन करती हो। उन्हें क्लीन चिट का भी वादा होता है और वो प्रोपेगेंडा फिल्में बनाते हैं। इतना ही नहीं उन्होंने ऐसे काम की तुलना नाजी जर्मनी से करते हुए कहा कि, ‘वहां भी ऐसा होता था। नाजी जर्मनी के दौर में दुनिया को समझने वाले फिल्मकारों को घेरा गया और उनका कहा गया कि वो ऐसी फिल्में बनाएं जो नाजी विचारधारा का प्रचार करती हों। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि मेरे पास इसके पक्के सबूत नहीं हैं लेकिन जिस तरह की बड़े बजट की फिल्में आ रही हैं उससे ये बात साबित हो रही है’।

Leave A Reply