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मंदिरों पर चढ़े फूलों से बन रहा हर्बल गुलाल, महिलाओं ने की पहल

Shikha Awasthi 26-03-2021 17:42:15 27 Total visiter


लखनऊ। उत्तर प्रदेश में इस साल होली इकोफ्रेंडली तरीके से मनाने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए लखनऊ के हनुमान सेतु समेत कई मंदिरों में चढ़े फूलों से हर्बल गुलाल बनाए जा रहे हैं। इससे महिलाओं को रोजगार भी मिल रहा है।

बता दें कि उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत स्वयं सहायता समूह चलाने वाली महिलाओं ने इसकी पहल की है। सहायता समूहों की महिलाएं हर्बल रंग गुलाल तैयार कर रही हैं।

वहीं NBRI के सीनियर प्रिंसिपल साइंटिस्ट डॉ महेश पल ने बतया कि इस प्रकार से बने गुलाल हानिकारक नहीं होंगे। दूसरा, इससे बहुत सारी महिलाओं को रोजगार भी मिलेगा।

 उन्होनें कहा इस प्रयास से मंदिरों से निकलने वाले फूल कचरे का हिस्सा नहीं बन रहे, न ही ये नदी को दूषित करते हैं। मंदिरों से फूलों को इकट्ठा कर इनको सुखा लिया जाता है। गरम पानी में उबालकर रंग निकाला जाता है। उसके बाद इसमें अरारोट मिलाकर फिर निकले हुए फूल की पंखुड़ियों को पीसकर अरारोट मिलाकर गुलाल तैयार किया जाता है।

वहीं फूलों से गुलाल बनाने की लागत 50 रुपए आती है। इसे बाजार और स्टॉलों की माध्यम से 140-150 रुपए में बड़े आराम से बेचा जा रहा है।

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