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प्रशासन में सुनवाई न होने पर दो बुजुर्ग टावर पर चढ़े, 70 दिनों से लगातार धरना दे रहे बांध विस्थापित

Shikha Awasthi 30-03-2021 12:59:23 27 Total visiter


पंजाब। पंजाब में पठानकोट के शाहपुरकंडी में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। जहां रोजगार की मांग को लेकर पिछले 70 दिनों से लगातार धरना दे रहे बांध विस्थापितों में से 2 बुजुर्ग मंगलवार सुबह बीएसएनएल के 80 फुट ऊंचे टावर पर पेट्रोल लेकर चढ़ गए। टावर पर चढ़े बुजुर्गों में 87 वर्षीय सरम सिंह और 76 वर्षीय कुलविंदर सिंह हैं।

बता दें कि बांध विस्थापित किसान आंदोलन की तर्ज पर पिछले 70 दिन से रणजीत सागर बांध के चीफ इंजीनियर दफ्तर के बाहर धरने पर बैठे थे। प्रशासन में सुनवाई न होने की बात कहकर दोनों बुजुर्ग मंगलवार तड़के टावर पर चढ़ गए। वहीं, उनके बाकी साथी टावर के पास प्रशासन के खिलाफ लगातार नारेबाजी कर रहे हैं। 

दरअसल, बैराज बांध विस्थापित पिछले 27 वर्षों से रोजगार की मांग को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। ये विस्थापित कभी मलिकपुर डीसी दफ्तर की पानी की टंकी तो कभी इस टावर पर चढ़ जाते हैं। एक बार एक विस्थापित ने खुद को आग भी लगा ली थी, लेकिन पुलिस ने उसे बचा लिया। इस बार प्रदर्शनकारी मंगलवार को तड़के ही टावर पर चढ़ गए। समय-समय पर वह फोन कर अपने पारिवारिक सदस्यों को भी सूचित कर रहे हैं कि जब तक प्रशासन उनके पारिवारिक सदस्यों को रोजगार देने की मांग पूरी नहीं करता, तब तक वह नीचे नहीं उतरेंगे। वह आत्मदाह से भी नहीं डरेंगे।

उन्होंने बताया कि 31 मई 2019 को एसडीएम धार ने अपनी रिपोर्ट में लिखा था कि 50 लोगों ने गलत ढंग से रोजगार हासिल किया है। डीसी को भेजी रिपोर्ट पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि इस बारे में वह 1 सितंबर 2020 को पठानकोट डीसी संयम अग्रवाल से मिले, लेकिन उन्होंने बात नहीं सुनी और एक माह बाद बात करने की नसीहत देकर उन्हें भेज दिया। उन्होंने कहा कि लंबे अरसे से केवल आश्वासन मिल रहा है। अब भी वह 70 दिन से स्थायी धरना दे रहे हैं। लेकिन, उनकी सुनवाई नहीं होने से नाराज बुजुर्गों ने यह कदम उठाया है।

 

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