इमेज टुडे - ज़िन्दगी में भर दे रंग - समाचारों का द्विभाषीय पोर्टल

सीताराम येचुरी का केंद्र पर हमला, कहा- प्राइवेट है पीएम केयर फंड      ||      दिल्ली सरकार के मंत्री कैलाश गहलोत कोरोना पॉजिटिव, ट्वीट कर दी जानकारी      ||      जम्मू कश्मीर के कुलगाम में जैश-ए-मोहम्मद के दो आतंकी गिरफ्तार      ||      यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ कोरोना पॉजिटिव, ट्वीट कर दी जानकारी      ||      यूपीः CM योगी और अखिलेश यादव को कोरोना, प्रियंका गांधी का ट्वीट- आप सुरक्षित रहें      ||     

बांह में लगी थी दो गोलियां, फिर भी नक्सलियों से लड़ता रहा यह बहादुर ऑफिसर

vishal RAO 05-04-2021 15:01:07 114 Total visiter


छत्‍तीसगढ़ । छत्‍तीसगढ़ के सुकमा में हुए नक्‍सल हमले ने सुरक्षा की नींद उड़ा दी है। घात लगाकर हुए इस हमले में जहां सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स (सीआरपीएफ) के 22 जवान शहीद हो गए तो वहीं 33 जवान घायल हैं। इस हमले को विशेषज्ञ सुरक्षा में बड़ी चूक और साफ तौर पर इंटेलीजेंस की असफलता करार दे रहे हैं। बताया जा रहा है कि 200 नक्‍सलियों ने सीआरपीएफ के जवानों पर हमला किया था। इस हमले के दौरान सीआरपीएफ के फील्‍ड कमांडर, ऑपरेशन के सेकेंड-इन- कमांड रैंक ऑफिसर डिप्‍टी कमांडेंट संदीप द्विवेदी बुरी तरह घायल हो गए थे। उनके अलावा डिप्‍टी कमांडेंट मनीष कुमार भी इसमें घायल हैं।

सैनिक स्‍कूल से पास आउट

डिप्‍टी कमांडेंट संदीप द्विवेदी सीआरपीएफ की 201 कोबरा बटालियन के साथ तैनात हैं। सैनिक स्‍कूल से पासआउट कमांडेंट द्विवेदी इस समय कई लोगों के हीरो बन गए हैं। इस हमले के दौरान उनकी दायीं बांह‍ पर दो गोलियां लग गई थी लेकिन फिर भी वो नक्‍सलियों से लड़ते रहे। रविवार को सीआरपीएफ के डायरेक्‍टर जनरल कुलदीप सिंह ने उनसे मुलाकात की। फिलहाल वो खतरे से बाहर हैं। उनकी एक फोटोग्राफ सामने आई है जिसमें वो मुस्‍कुरा रहे हैं।

उनकी यह मुस्‍कुराहट बता रही है कि चाहे कुछ भी हो जाए नक्‍सलियों को उनके इरादों में सफल नहीं होने दिया जाएगा। डिप्‍टी कमांडेंट मनीष कुमार के बारे में अभी कोई जानकारी नहीं मिल सकी है।

क्‍यों हुआ नक्‍सली हमला

डायरेक्‍ट जनरल कुलदीप सिंह ने कहा है कि नक्‍सली इस समय निराश हो चुके हैं। उनक कहना है कि सीआरपीएफ ने छत्‍तीसगढ़ के सूनसान इलाकों में भी अपने कैंप्‍स बना लिए हैं। यही बात उन्‍हें परेशान कर रही है, उन्‍होंने कहा है कि अब उनके खिलाफ और ज्‍यादा गंभीर ऑपरेशंस चलाए जाएंगेय़। शनिवार को छत्‍तीसगढ़ में हुए नक्‍सली हमले को इंटेलीजेंस की चूक माना जा रहा है.

सीआरपीएफ के पास नक्‍सलियों दो टॉप लीडर्स मादवी हिदमा और सुजाता के मौजूद होने की इनपुट थी. लेकिन सूत्रों की मानें तो ऐसा कुछ नहीं था और यह एक जाल था जो नक्‍सलियों ने बिछाया था।

नक्‍सलियों ने बिछाया जाल

इनपुट मिलने के बाद 2000 जवानों को छह कैंप्‍स में मौजूद थे, उन्‍हें इनपुट मिलने के बाद भेजा गया. इसमें सीआरपीएफ की स्‍पेशलाइज्‍ड जंग वॉरफेयर यूनिट कोबरा को रवाना किया गया। इन जवानों को बस्‍तरिया बटालियन और डिस्ट्रिक्‍ट रिजर्व गार्ड की यूनिट से भेजा गया था. एक टीम उस जगह पर पहुंच गई जहां पर नक्‍सली कमांडर्स के मौजूद होने की खबर थी। इसी समय करीब 400 नक्‍सलियों ने सुरक्षा बलों को तीन तरफ से घेर लिया था. जंगल में भारी फायरिंग शुरू हुई और सीआरपीएफ का हर जवान अपनी पूरी ताकत से नक्‍सलियों से लड़ा था.

अधिकारियों की मानें तो नक्‍सलियों को उनकी रणनीतियों का फायदा मिला। नक्‍सलियों ने ‘यू’ के आकार में सीआरपीएफ की टीम को घेरने का प्‍लान बनाया हुआ था।

Comments

Subscribe

Receive updates and latest news direct from our team. Simply enter your email below :