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किसके हाथ आयेगी असम की 'कमान', मामला सुलझाने दिल्ली पहुंचे सोनोवाल-हिमंता

Shikha Awasthi 08-05-2021 13:28:43 23 Total visiter


नई दिल्ली। असम विधानसभा चुनाव में शानदार जीत के साथ एक बार फिर राज्य की सत्ता में वापसी करने वाली बीजेपी के सामने एक बड़ी समस्या आ गई है। असम में इस बार मुख्यमंत्री पद के लिए दो दिग्गज नेताओं वर्तमान मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल और स्वास्थ्य मंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के बीच संसय की स्तिथि बन गई है। जिसकों सुलझाने के लिए दोनों नेता शनिवार (8 मई) को दिल्ली आए। जहां दोनों बड़े नेता बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के घर पहुंच। यहां पर जेपी नड्डा के साथ उनकी बातचीत चल रही है। नड्डा से मिलने के बाद केंद्रीय मंत्री अमित शाह, भाजपा के महासचिव बी एल संतोष और अन्य नेताओं के साथ भी बैठक करेंगे। असम में विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाले गठबंधन को जीत मिली है।

 चुनाव में बिस्वा को मिली थी तरजीह 

 दरअसल, असम विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने जीत दर्ज करते हुए दूसरी बार सत्ता में वापसी की है। लेकिन पार्टी ने इस बार मौजूदा मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल  की जगह स्वास्थ्य मंत्री हिमंता बिस्वा सरमा को ज्यादा तरजीह दी। चुनाव के दौरान हिमंता की दावेदारी सबसे ज्यादा रही। ऐसे में पार्टी के सामने सबसे बड़ी चुनौती है कि प्रदेश की कमान किसके हाथ सौंपी जाए। पार्टी में मुख्यमंत्री के नाम पर अभी तक सहमति नहीं बन पाई है। पार्टी और संगठन के कुछ नेता सर्वानंद सोनोवाल को ही मुख्यमंत्री के तौर पर देखना चाहते हैं, लेकिन हिमंता बिस्वा सरमा का नाम केंद्रीय नेतृत्व तक पहुंचा है। वहीं कांग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई ने यह कहकर सबको चौंका दिया कि भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व असम में रंजन गोगोई को कमान सौंपेगी, लेकिन उनके दावे को भाजपा नेताओं ने सिरे से खारिज कर दिया। 

बता दें कि चुनाव में भाजपा नेतृत्व वाले एनडीए को 60 सीटें मिली है। वहीं कांग्रेस के खाते में सिर्फ 29 सीटें , एआईयूडीएफ ने 16 सीटों पर जीत हासिल की। इसके अलावा एजीपी को 9, बोडोलैंड पीपल्स फ्रंट को 4, सीपीआई(एम) को एक, निर्दलीय को 1 लिबरल को 6 सीटें प्राप्त हुई हैं।

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