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कोरोनाकाल में संकट मोचन का काम कर रही DRDO, महामारी से निपटने किया ये काम

Shikha Awasthi 08-05-2021 16:20:43 24 Total visiter


नई दिल्ली। भारत कोरोना महामारी से मजबूती से लड़ने में लगा हुआ है। इस काम में भारत और दुनिया की कई संस्थाएं भारत की मदद करने में लगी हुई हैं। लेकिन भारत के रक्षा मंत्रालय के अंतर्गत काम करने वाली डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट आर्गेनाईजेशन DRDO लगातार सराहनीय काम कर रही है। इसी क्रम में  DRDO ने कोरोना में बढ़ते ऑक्सीजन की मांग को देखते हुए 2-डीऑक्सी-डी-ग्लूकोज दवाई का निर्माण दिया है। जिसकों ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) ने शनिवार इमरजेंसी अप्रूवल दे दिया है। कोरोना संक्रमित मरीज के लिए यह एक वैकल्पिक इलाज होगा। जिन मरीजों पर इस दवा का इस्तेमाल किया गया, उनकी RT-PCR रिपोर्ट भी निगेटिव आई।

ये दवा डीआरडीओ के इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूक्लियर मेडिसिन एंड अलायड साइंसेस (INMAS) और हैदराबाद सेंटर फॉर सेल्युलर एंड मॉलिक्युलर बायोलॉजी (CCMB) के साथ मिल तैयार की है। इस दवा को अभी 2-deoxy-D-glucose (2-DG) नाम दिया गया है और इसकी मैनुफैक्चरिंग की जिम्मेदार हैदराबाद स्थित डॉ. रेड्डी लैबोरेट्रीज को दी गई है।  

सूत्रों की ओर से बताया गया है कि जिन मरीजों पर इसका ट्रायल किया गया, उनमें तेजी से रिकवरी देखी गई। साथ ही मरीजों की ऑक्सीजन पर निर्भरता भी कम हो गई। ये भी दावा है कि दवा के इस्तेमाल से मरीजों की कोरोना रिपोर्ट बाकी मरीजों की तुलना में जल्दी निगेटिव हो रही है। यानी, वो जल्दी ठीक भी हो रहे हैं।

बता दें कि डीआरडीओ के वैज्ञानिक अप्रैल 2020 से लैब में इस दवा पर काम कर रहे थे। एक्सपेरिमेंट में पता चला था कि ये दवा कोरोना वायरस को रोकने में मदद करती है। 

पानी में घोलकर दी जाती है दवा

दवा पाउडर के रूप में मिलती है। इसे पानी में घोलकर मरीज को पिलाना होता है। ये दवा सीधे उन कोशिकाओं तक पहुंचती है जहां संक्रमण होता है और वायरस को बढ़ने से रोक देती है। लैब टेस्टिंग में पता चला कि ये कोरोना वायरस के खिलाफ काफी प्रभावी है। DRDO ने बयान जारी कर कहा है कि इसका उत्पादन भारी मात्रा में आसानी से किया जा सकता है।

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