इमेज टुडे - ज़िन्दगी में भर दे रंग - समाचारों का द्विभाषीय पोर्टल

देशभर में 18 साल से ऊपर के लोगों को वैक्सीनेशन के लिए आज से शुरू हो रहा रजिस्ट्रेशन      ||      लखनऊ: मेदांता अस्पताल में मरीजों की मदद के लिए प्रियंका गांधी ने भेजा ऑक्सीजन का टैंकर      ||      भारत में कोरोना की बिगड़ती स्थिति पर संयुक्त राष्ट्र संघ ने बढ़ाया मदद का हाथ      ||      असम में आए भूकंप पर प्रियंका गांधी ने कहा- असम के लोगों के लिए मेरा प्यार और प्रार्थनाएं      ||      PM CARES से DRDO खड़े करेगा 500 ऑक्सीजन प्लांट      ||     

लोकगायिका मालिनी अस्वस्थी इस तरह दी अपने ससुर को श्रद्धान्जली

Shikha Awasthi 10-05-2021 18:44:53 18 Total visiter


लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार में अपर मुख्य सचिव गृह और कोरोना से लड़ने के लिए सीएम योगी की ओर से गठित टीम-9 के अहम सदस्य अवनीश अवस्थी के पिता आदित्य कुमार अवस्थी का सोमवार को निधन हो गया। वह कोरोना से संक्रमित थे। उन्हें लखनऊ के संजय गांधी पीजीआइ हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया था। जहां उन्होंने सोमवार को अंतिम सांस ली।

उत्तर प्रदेश की लोक गायिका मालिनी अवस्थी के ससुर आदित्य कुमार अवस्थी आजाद भारत के इंजीनियर्स के पहले बैच के सदस्य थे। उन्होंने वाराणसी के आईआईटी-बीएचयू से इंजीनियरिंग की। वह एक मेटलर्जिस्ट और जर्मनी में प्रशिक्षित इंजीनियर थे। उनका देश में लौह व इस्पात बुनियादी ढांचे की नींव रखने में योगदान था। वह बेहद अनुशासनप्रिय थे। वह दृढ़ इच्छा-शक्ति और शांत व्यक्तित्व के लिए अपने काम में लगन से जुट जाने के लिए विख्यात थे। 

मालिनी अवस्थी ट्वीट कर किया याद 

उत्तर प्रदेश कि मशहूर लोक गायिका और आदित्य अवस्थी कि बहु मालिनी अवस्थी ने उनके निधन पर शोक जताते हुए ट्विट किया कि, "हमारे पूज्य पिताजी श्री आदित्य कुमार अवस्थी आज ब्रह्ममुहूर्त में गोलोकधाम सिधार गए। आजीवन सबके लिए सोचने वाले, करने वाले अत्यंत सरल सौम्य मृदुभाषी हमारे पिता को परमपिता ने अपने समीप बुला लिया।" 

मालिनी ने आगे लिखा कि, आईआईटी बीएचयू से मेटलर्जी के इंजीनियर और जर्मनी में प्रशिक्षित हमारे पिताजी उस पीढ़ी के नायक थे जिस पीढ़ी ने स्वाधीन भारत की दृढ़ आधारशिला रखी। स्टील ऑथोरिटी ऑफ इंडिया SAIL की सेवा में उन्होंने अपना जीवन अर्पित कर दिया। राउरकेला, बोकारो, भिलाई के संयंत्र में लोहे की ढलाई यानी कास्टिंग में पिताजी की दक्षता अद्वितीय थी। वे रेल इंजन और बोगी की ढलाई के लिए दूर-दूर से परामर्श के लिए बुलाये जाते थे। अंतिम समय तक अपना काम स्वयं करने वाले कर्मठ पिताजी कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन के आधार पर आजीवन चले। वे परिवार के वटवृक्ष थे, शांत गंभीर संयत! आज उनकी शीतल छाया सदा के लिए ब्रह्माण्ड में विलीन हो गई।" 

उन्होंने अपने ट्वीट के साथ एक फोटो शेयर करते हुए लिखा कि, "संलग्न छवि में पिताजी हमारे सहायक रवि के पुत्र आकाश को पढ़ाते हुए दिखाई दे रहे हैं, यह उनके जीवन के एक-एक पल की सार्थकता का प्रमाण है। पूज्य पिताजी सदगति प्राप्त करें, यही महादेव से प्रार्थना है। इस कष्ट के समय अम्मा श्रद्धेया ऊषा अवस्थी जी हम सबका पुण्यसंबल हैं आश्रय हैं। भवानी अम्मा को यह कष्ट सहने की शक्ति प्रदान करें।"

Comments

Subscribe

Receive updates and latest news direct from our team. Simply enter your email below :