इमेज टुडे - ज़िन्दगी में भर दे रंग - समाचारों का द्विभाषीय पोर्टल

देशभर में 18 साल से ऊपर के लोगों को वैक्सीनेशन के लिए आज से शुरू हो रहा रजिस्ट्रेशन      ||      लखनऊ: मेदांता अस्पताल में मरीजों की मदद के लिए प्रियंका गांधी ने भेजा ऑक्सीजन का टैंकर      ||      भारत में कोरोना की बिगड़ती स्थिति पर संयुक्त राष्ट्र संघ ने बढ़ाया मदद का हाथ      ||      असम में आए भूकंप पर प्रियंका गांधी ने कहा- असम के लोगों के लिए मेरा प्यार और प्रार्थनाएं      ||      PM CARES से DRDO खड़े करेगा 500 ऑक्सीजन प्लांट      ||     

कोरोना के बाद नेपाली प्रधानमंत्री ओली को लगा एक और झटका, गिर सकती है सरकार 

Shikha Awasthi 10-05-2021 19:06:01 16 Total visiter


काठमांडू। पड़ोसी देश नेपाल एक तरफ कोरोना महामारी से जूझ रहा है तो वहीं दूसरी तरह नेपाल में राजनीतिक उठा-पटक ने जोर पकड़ लिया है। ताजा मिली जानकारी के अनुसार नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली निचली सदन में बहुतमत साबित करने में असफल हो गए हैं। ओली को 275 सदस्‍यीय प्रतिनिधि सभा में विश्‍वासमत जीतने के लिए 136 मतों की जरूरत थी, लेकिन वह इस आंकड़े को नहीं छू सके। निचले सदन के ऐसे परिणाम आने से नेपाल में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। 

दरअसल, पुष्पकमल दहल 'प्रचंड' नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी ने सरकार को दिया अपना समर्थन वापिस ले लिया है। जिसके बाद ओली सरकार अल्पमत में आ गई है। इसलिए आज केपी शर्मा ओली को निचली सदन में विश्वासमत हासिल करना था। जिसके लिए सत्तारूढ़ नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी ने अपने सभी सांसदों को व्हिप जारी कर प्रधानमंत्री के पक्ष में मतदान का अनुरोध किया था लेकिन ओली को सफलता नहीं मिल सकी।

ओली के पक्ष में मिले मात्र 93 वोट

ओली अपने राजनैतिक जीवनकाल के सबसे बुरे दौर से गुजर रहे हैं। इस बात अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि, सोमवार को निचले सदन में हुए वोटिंग में ओली के पक्ष में मात्र 93 वोट ही मिले। वहीं उनके विरोध में 124 वोट पड़े। बता दें कि सरकार बचाने के लिए ओली को 136 वोटों की जरूरत थी। बता दें कि, नेपाल की संसद में कुल 271 सदस्य हैं। जिसमे से सोमवार को हुए मतदान में  232 सांसदों भाग लिया था। इस मतदान में नेपाल की तीसरी सबसे बड़े माधव नेपाल और झालानाथ खनाल दल ने हिस्सा नही लिया था।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि फरवरी 2018 में ओली दूसरी बार प्रधानमंत्री बने थे। तब से पहली बार वे 271 सीट वाले संसद में फ्लोर टेस्ट का सामना कर रहे थे। ओली को समर्थन दे रही अहम मधेशी पार्टी ने वोटिंग से दूर रहने का फैसला किया था। तभी यह तय लग रहा था कि सरकार गिर जाएगी।
 

Comments

Subscribe

Receive updates and latest news direct from our team. Simply enter your email below :