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यरुशलम हिंसा पर बोला पाक, कहा- इजराइल के खिलाफ बंदूक उठाए फिलिस्तीन

Shikha Awasthi 11-05-2021 18:53:07 17 Total visiter


नई दिल्ली। फ़लस्तीन और इजराइल के बीच बीते गुरुवार के बाद से पूर्वी यरुशलम में जारी हिंसा को लेकर तुर्की, पकिस्तान, सऊदी अरब, और ईरान सहित कई मुस्लिम देशों ने इजराइल की आलोचना की है। मंगलवार को पाकितान के पंजाब प्रांत के शिक्षा मंत्री मुराद रास ने फ़लस्तीन के लोगों को इजराइल के खिलाफ बंदूक उठें की सलाह दी है

शिक्षा मंत्री ने ट्वीट करते हुए लिखा कि, "यह हैरान करने वाला है कि इजरायल वाले हथियारों से लैस रहते हैं जबकि फिलिस्तीन के लोग दशकों से पत्थरों का इस्तेमाल कर रहे हैं। फिलिस्तीनियों को मदद में जो पैसे मिलते हैं, वे कहां चले जाते हैं। वे अपनी रक्षा के लिए एक बंदूक भी क्यों नहीं खरीदते हैं? इन पर कब से बम फेंके जा रहे हैं और गोली मारी जा रही है पर ये 2021 में भी पत्थर ही चला रहे हैं।" 

मुराद रास के इस ट्वीट के बाद उनको उनके ही देश में भारी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा। पाकिस्तान के वरिष्ठ पत्रकार सादिया अहमद ने मुराद के ट्वीट को रीट्वीट करते हुए लिखा, ''ये शिक्षा मंत्री की शिक्षा है।'' एक और पत्रकार ताहिर इमरान मियां ने लिख, ''देवियों और सज्जनों ये हमारे महापुरुष हैं। ऐसे तो हमारे शिक्षा मंत्री हैं। खुदा हमें बचाए।''  

इजराइल के हमले को गलत बता चुके हैं इमरान 

पाकिस्तान के विदेश मंत्री समेत पक्ष-विपक्ष के नेताओं ने हमले की निंदा की और फलस्तीनियों के समर्थन की बात कही। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति पहले ही इसराइल के क़दम को ग़लत बता चुके हैं।

वहीं, पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने अल अक़्सा मस्जिद पर हमले की निंदा करते हुए ट्वीट कर लिखा, "अल अक़्सा मस्जिद पर हमला करना, बच्चों को मारना और लोगों को ज़बरदस्ती बाहर निकालना बिल्कुल मंज़ूर नहीं है।" उन्होंने आगे लिखा, फ़लस्तीन के मुद्दे पर तुर्की से बात की है और वो इस्लामी सहयोग संगठन (ओआईसी) की मीटिंग बुलाने के पक्ष में हैं। उन्होंने लिखा, "इस्लामी सहयोग संगठन की मीटिंग बुलाने के लिए तुर्की की अपील का हम स्वागत करते हैं।"

बता दें कि बीते गुरुवार को यरुशलम के अल अक़्सा मस्जिद में इजराइल और फ़लस्तीन सुरक्षाकर्मियों में भीड़ गए। इस हिंसा में अब तक 700 से ज्यादा लोग घायल हैं और 24 लोगों की मौत हो चुकी है।

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