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भीमा कोरेगांव कांड में गौतम नवलखा को नही मिली राहत, जमानत याचिका खारिज 

Shikha Awasthi 12-05-2021 14:15:50 21 Total visiter


नई दिल्ली। दिसंबर 2017 में कोरेगांव भीमा में हुई हिंसा को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता गौतम नवलखा को बड़ा झटका लगा है। सुप्रीम कोर्ट में गौतम की ओर से दाखिल जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। न्यायमूर्ति यूयू ललित और न्यायमूर्ति के एम जोसफ की एक पीठ ने बंबई हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ नवलखा कि याचिका खारिज कर दी। हाई कोर्ट ने पहले ही मामले में नवलखा को जमानत देने से इनकार कर दिया था। 

जमानत याचिका खारिजं करते हुए न्यायमूर्मि जोसेफ ने कहा कि, अदालत नवलखा कि याचिका खारिज कर रही है। शीर्ष अदालत ने नवलखा की जमानत याचिका पर 26 मार्च को फैसला सुरक्षित रखा था। बता दें कि बॉम्बे हाईकोर्ट ने आठ फरवरी को नवलखा की जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा था कि उसे विशेष अदालत के फैसले में दखल देने का कोई उचित कारण दिखाई नहीं दे रहा है। वहीं विशेष अदालत ने गौतम नवलखा की याचिका पहले ही खारिज कर दी थी। 

भड़काऊ भाषण से भड़की थी हिंसा

पुलिस के अनुसार, कुछ कार्यकर्ताओं ने 31 दिसम्बर 2017 को पुणे में एल्गार परिषद की बैठक में कथित रूप से उत्तेजक और भड़काऊ भाषण दिया था, जिससे अगले दिन जिले के कोरेगांव भीमा में हिंसा भड़की थी। यह भी आरोप है कि इस कार्यक्रम को कुछ मओवादी संगठनों का समर्थन प्राप्त था। उन्ही कार्यकर्ताओं में से एक नवलखा भी हैं। फिलहाल इस मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) इसकी जांच कर रही है।

एनआईए की विशेष अदालत ने 12 जुलाई 2020 को गौतम नवलखा की जमानत याचिका खारिज कर दी थी। हाईकोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान गौतम नवलखा ने कहा कि हाउस अरेस्ट की अवधि को हिरासत की अवधि में शामिल किया जाए। हालांकि आठ फरवरी को हाईकोर्ट ने याचिका को स्वीकार करने से इनकार कर दिया था। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा पहले ही उन्हें नजरबंद रखने के आदेश को अवैध घोषित किया जा चुका है। इसलिए गैर कानूनी हिरासत को हिरासत की अवधि में नहीं जोड़ा जा सकता। 

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