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कोरोना पर 'यूपी मॉडल' को बॉम्बे हाईकोर्ट ने सराहा, उद्धव सरकार से पूछे ये सवाल

Shikha Awasthi 16-05-2021 14:34:43 20 Total visiter


लखनऊ। उत्तर प्रदेश में कोरोना संक्रमण को रोकने, लोगों और बच्चों को बचाने के लिए प्रदेश की योगी सरकार ने जो नीति अपनी थी। उसका (विश्व स्वास्थ्य संगठन) डब्लूएचओ और नीति आयोग के बाद अब बॉम्बे हाईकोर्ट ने भी उसकी सराहना की है। 

नीति आयोग ने यूपी के इस मॉडल को अन्य राज्यों के लिए मिसाल बताया था। वही बॉम्बे हाईकोर्ट ने यूपी मॉडल के तहत बच्चों को कोरोना से बचाने के लिए किए गए प्रबंधों का जिक्र करते हुए महाराष्ट्र सरकार से पूछा है कि वह यहां ऐसा करने पर विचार क्यों नहीं करती?

गौरतलब है कि सीएम योगी बच्चों की बच्चों को बीमारी से बचाने को लेकर हमेशा ही गंभीर रहें हैं। इसी क्रम में सीएम योगी ने कोरोना की तीसरी लहर से निपटने के लिए ट्रिपल टी यानि ट्रेस, टेस्ट और ट्रीट की रणनीति तैयार करा रहे थे, तब ही उन्होंने चिकित्सा विशेषज्ञों को कोरोना संक्रमण से बच्चों को बचाने के लिए को अलग से एक योजना तैयार करने का निर्देश दिया। जिसके बाद चिकित्सा विशेषज्ञों ने उन्हें बताया कि कोरोना संक्रमण से बच्चों बचाने और उनका इलाज करने के लिए हर जिले में आईसीयू की तर्ज पर सभी संसाधनों से युक्त पीडियाट्रिक बेड की व्यवस्था अस्पताल में की जाए।

प्रदेश के हर बड़े शहर में बनेंगे 50 से 100 बेड के पीडियाट्रिक बेड

विशेषज्ञों की सलाह के बाद सीएम योगी ने प्रदेश के सभी बड़े शहरों में 50 से 100 बेड के पीडियाट्रिक बेड (PICU) बनाने के निर्देश दिये हैं। इन बेडस को विशेषकर एक महीने से ऊपर के बच्चों के लिए तैयार किया जा रहा है। गंभीर संक्रमित बच्चों को इसी पर इलाज और ऑक्सीजन की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। 

बॉम्बे हाईकोर्ट ने मॉडल पर लिया संज्ञान

बता दें कि बच्चों के इलाज को लेकर यूपी के इस मॉडल का खबर देश के कई अखबारों में छपी थी। जिसपर बॉम्बे हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति गिरीश कुलकर्णी की खंडपीठ ने संज्ञान लिया। और बीते दिनों इन न्यायाधीशों की खंडपीठ ने कहा कि यूपी में कोरोना की तीसरी लहर में बच्चों को खतरा होने की आशंका के चलते एक अस्पताल सिर्फ बच्चों के लिए आरक्षित रखा गया है। महाराष्ट्र सरकार यहां ऐसा करने पर विचार क्यों नहीं करती। महाराष्ट्र में दस साल की उम्र के दस हजार बच्चे कोरोना का शिकार हुए हैं। कोर्ट ने आगे कहा कि, जाहिर है कि हर अच्छे कार्य की सराहना होती हैं और कोरोना से बच्चों को बचाने तथा उनके इलाज करने की जो व्यवस्था यूपी सरकार कर रही है, उसे बॉम्बे हाईकोर्ट ने उचित माना और उसका जिक्र किया। ठीक इसी प्रकार से विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) और नीति आयोग ने भी कोविड प्रबंधन के लिए उत्तर प्रदेश सरकार के 'यूपी मॉडल' की जमकर तारीफ की है।

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