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एंटी कोरोना दवा 2-DG को रक्षा मंत्री और स्वास्थ्य मंत्री ने किया लॉन्च, जानिए कैसे करती है काम

Shikha Awasthi 17-05-2021 11:39:30 18 Total visiter


नई दिल्ली। भारतीय सेना की रक्षा अनुसंधान व विकास संगठन (DRDO) में विकसित कोरोना की दवा 2-DG (2-deoxy-D-glucose) को सोमवार (17 मई) को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने लॉन्च कर दिया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह स्वास्थ्य मंत्री को इसकी पहली खेप सौपेंगे। 2-DG  को तीन ट्रायल के बाद 1 मई 2021 को DCGI की ओर से इसके आपातकाल उपयोग की अनुमति मिल गई। कोरोना मरीजों को यह दवाई पाउडर के रूप एक सैशे में दिया जाएगा जो पानी में घोलकर लेना होगा। यह संक्रमित कोशिकाओं पर जाकर वायरस की वृद्धि को रोकने में सक्षम है। 

सोमवार सुबह 10:30 बजे रक्षा मंत्रालय की ओर से इस दवाई को लॉन्च कर दिया गया। इस दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन के अलावा एम्स के निदेशक डॉ.रणदीप गुलेरिया भी मौजूद रहे। इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने कहा कि,"मई के महीने में आज का दिन हम सबके लिए सबसे ज़्यादा सुखद दिन है। हम एक साल से ज़्यादा समय से कोविड की जंग लड़ रहे हैं। रक्षा क्षेत्र के आउटकम के तहत ये हमारी पहली स्वदेशी दवा है, ये कोविड वायरस के प्रकोप को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से कम करने की पूरी क्षमता रखती है।"

वहीं रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि, "इस दवा को तैयार करने में जिन वैज्ञानिकों की मुख्य भूमिका है, मैं उन्हें अपने हाथों से सम्मानित करना चाहूंगा। ये दवा आशा और उम्मीद की एक नई किरण लेकर आई है, ये दवा हमारे देश के वैज्ञानिकों की वैज्ञानिक क्षमता की एक मिसाल है।"

सकारात्मक परिणाम के बाद मिली इजाजत 
 

इस दवा का क्लिनिकल ट्रायल किया गया। जिसका परिणाम सकारात्मक रहा था इस ट्रायल में पता चला कि अस्पताल में भर्ती मरीजों के तेजी से स्वस्थ होने में ये मॉलिक्यूल मदद करते हैं और अतिरिक्त ऑक्सीजन पर निर्भरता को कम करता है। महामारी के खिलाफ तैयारियों के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आग्रह पर DRDO ने इस दवा के विकसित किया गया। महामारी की पहली लहर के दौरान अप्रैल 2020 में INMAS-DRDO वैज्ञानिकों ने मिलकर CCMB, हैदराबाद की मदद से काम शुरू किया और तभी पता चला कि ये मालिक्यूल SARS-CoV-2 वायरस पर असरदार हैं और इसके वृद्धि को रोकने में सक्षम हैं। इन परिणामों के आधार पर DCGI ने मई, 2020 में इसके फेज 2 क्लिनिकल ट्रायल की अनुमति दे दी। बता दें कि इस दवा को बनाने में डॉक्टर अनंत नारायण भट्ट और DRDO वैज्ञानिकों का योगदान है।

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