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सुप्रीम कोर्ट पहुंचा बंगाल हिंसा का केस, एसआईटी पर कोर्ट ने राज्य से मांगा जवाब

Shikha Awasthi 18-05-2021 16:47:25 18 Total visiter


नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव संपन्न होने के बाद राज्य के कई जिलों में हुई हिंसा में मारे गए बीजेपी कार्यकर्ताओं का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुँच गया है। मंगलवार को हिंसा में मारे गए दो बीजेपी कार्यकर्ताओं के परिवार ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। मारे गए कार्यकर्ताओं के परिजनों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करते हुए कहा कि सरकार और प्रशासन की शह पर ही विपक्षी कार्यकर्ताओं के खिलाफ हिंसा हुई। इसलिए, सुप्रीम कोर्ट दोनों हत्याओं और हिंसा के दूसरे मामलों की जांच सीबीआई को सौंपे या फिर इसके लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन करे। 

बता दें कि 2 मई को जब बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजे आ रहे थे, तभी कोलकाता में बीजेपी के दो कार्यकर्ताओं अभिजीत सरकार और हरन अधिकारी की हत्या कर दी गई थी। मामले में तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के शामिल होने का आरोप है। अभिजीत सरकार ने अपनी हत्या से पहले फेसबुक लाइव पर अपनी जान को खतरे की बात भी बताई थी। आरोप है कि स्थानीय पुलिस ने तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं की तरफ से की जा रही हिंसा पर अपनी आंखें बंद रखीं। जिसके चलते अभिजीत और हरन की हत्या हो गई। 

कोर्ट में पीड़ित परिजनों का पक्ष रखते हुए वरिष्ठ वकील महेश जेठमलानी ने जस्टिस विनीत सरन और बी आर गवई की बेंच में दलीलें रखीं। जेठमलानी ने कहा कि सरकार और पुलिस ने हिंसा को बढ़ावा दिया। इन घटनाओं के प्रत्यक्षदर्शी गवाह भी मौजूद हैं। लेकिन जांच में लीपापोती की जा रही है। इसलिए, यह जरूरी है की इन घटनाओं की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में निष्पक्ष जांच हो। याचिकाकर्ताओं के वकील ने आगे कहा, "अविजीत सरकार का शव आज तक उनके परिवार को नहीं सौंपा गया है। हम यह भी मांग करते हैं कि शव का अभी दाह संस्कार न किया जाए। उसका पोस्टमार्टम हो और उसकी वीडियोग्राफी भी करवाई जाए।"

25 मई को होगी अलगी सुनवाई 

जजों ने थोड़ी देर की सुनवाई के बाद याचिका पर नोटिस जारी कर दिया। याचिकाकर्ताओं ने पश्चिम बंगाल सरकार, राज्य के पुलिस महानिदेशक, केंद्र सरकार और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को प्रतिवादी बनाया है। कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं के वकील को यह निर्देश दिया कि वह याचिका की कॉपी प्रतिवादियों को सौंप दें, ताकि वह जवाब दे सकें। बता दें कि इस केस की अगली सुनवाई 25 मई को होगी।

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