इमेज टुडे - ज़िन्दगी में भर दे रंग - समाचारों का द्विभाषीय पोर्टल

देशभर में 18 साल से ऊपर के लोगों को वैक्सीनेशन के लिए आज से शुरू हो रहा रजिस्ट्रेशन      ||      लखनऊ: मेदांता अस्पताल में मरीजों की मदद के लिए प्रियंका गांधी ने भेजा ऑक्सीजन का टैंकर      ||      भारत में कोरोना की बिगड़ती स्थिति पर संयुक्त राष्ट्र संघ ने बढ़ाया मदद का हाथ      ||      असम में आए भूकंप पर प्रियंका गांधी ने कहा- असम के लोगों के लिए मेरा प्यार और प्रार्थनाएं      ||      PM CARES से DRDO खड़े करेगा 500 ऑक्सीजन प्लांट      ||     

दिल्ली की सीमा पर बैठे किसानों की चेतावनी, बोले- सब्र का इम्तिहान न ले सरकार

pooja 20-05-2021 11:42:59 18 Total visiter


नई दिल्ली। कृषि संबंधी अपनी मांगो को लेकर बीते कई महीनों से दिल्ली की सीमा पर बैठे किसानों ने एक बार फिर सरकार को चेतावनी दी है। कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग करते हुए संयुक्त किसान मोर्चा ने कहा है कि, सरकार बात करे और किसानों के सब्र का इम्तिहान न ले। टाउते तूफान के चलते देशभर में शुरू हुए बारिश के दौर का असर दिल्ली पर भी पड़ा है। जिसके चलते सीमा पर मौजूद किसानों को नुकसान उठाना पड़ा है।

सरकार पर लगाया अमानवीय व्यवहार का आरोप

बुधवार को संयुक्त किसान मोर्चा ने एक बयान जारी करते हुए सरकार पर अमानवीय व्यवहार का आरोप लगाया। बयान में कहा गया कि किसान आंदोलन में 470 से अधिक किसानों की मौत हो चुकी है। कई आंदोलनकारियों को अपनी नौकरियां, पढ़ाई एवं दूसरे काम छोड़ने पड़े। और सरकार अपने नागरिकों, अन्न दाताओं के प्रति ही कितना अमानवीय एवं लापरवाह रूख दिखा रही है।

बयान में आगे कहा, 'सरकार अगर अपने किसानों की चिंता करती और उनका कल्याण चाहती तो उसे किसानों से वार्ता शुरू करनी चाहिए और उनकी मांगें माननी चाहिए।' इस दौरान प्रदर्शनकारियों की तरफ से सरकार को चेतावनी गई है दी है कि किसानों के सब्र का इम्तिहान न लें। दिल्ली की सिंघु, टिकरी और गाजीपुर सीमाओं पर किसान लंबे समय से विरोध जता रहे हैं। इनमें से ज्यादातर किसान पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के हैं। 

अस्त-व्यस्त हाल में हैं किसान 

बुधवार को ताऊते चलते हुए बारिश को लेकर संगठन ने कहा, 'बारिश की वजह से खाने और रहने के लिहाज से हालात अस्त-व्यस्त हो गए हैं। धरना स्थल के कई हिस्सों में सड़कें बारिश के पानी से भर गई हैं।' 

बता दें कि किसान केंद्र सरकार की तरफ से लाए गए तीन नए कृषि कानूनों से नाराज हैं। वे लगातार इन कानूनों को वापस लिए जाने की मांग कर रहे हैं। इसके बाद बीते साल सितंबर में किसान संगठनों ने राजधानी की सीमाओं पर प्रदर्शन शुरू किया था। प्रदर्शन को खत्म करने के लिए सरकार और किसान पक्ष के बीच 11 दौर की चर्चा हो चुकी है, लेकिन अभी तक किसी ठोस मुद्दे पर सहमति नहीं बन पाई है।

Comments

Subscribe

Receive updates and latest news direct from our team. Simply enter your email below :