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जानिए 12वीं की परीक्षाओं को लेकर क्या बोले मनीष सिसोदिया, केंद्र को क्या दिए सुझाव 

Shikha Awasthi 23-05-2021 19:23:11 15 Total visiter


नई दिल्ली। दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने रविवार को केंद्र के साथ हुई बैठक में 12वीं की परीक्षा कराए जाने को लेकर अपना मत रखा। उन्हें केंद्र सरकार के साथ हुई मीटिंग में कहा कि, 'अगर कोरोना की तीसरी लहर आएगी तो बच्चों को नुकसान पहुंचाएगी, ऐसा कहा जा रहा है। इसलिए दिल्ली सरकार किसी भी तरह की परीक्षा कराएं जाने के पक्ष में नहीं है। पहले बच्चों को वैक्सीन की डोज़ लग जाएं, उसके बाद परीक्षा लेना सुरक्षित होगा। 

मीटिंग में क्या बोले सिसोदिया 

दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने बताया कि, केंद्र सरकार के साथ मीटिंग में आज मांग रखी कि परीक्षा से पहले 12वीं के सभी बच्चों के लिए वैक्सीन की व्यवस्था करें। बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़ कर परीक्षा का आयोजन करवाने की ज़िद बहुत बड़ी गलती और नासमझी साबित होगी। केंद्र सरकार की प्राथमिकता वैक्सीनेशन होनी चाहिए। केंद्र सरकार या तो फाइजर से बात कर देश भर में 12वीं क्लास के सभी 1.4 करोड़ बच्चों और स्कूलों में, लगभग इतने ही शिक्षकों के लिए वैक्सीन लेकर आएं।

सिसोदिया ने आगे कहा कि, यदि युवा वर्ग वाली वैक्सीन 17.5 साल के बच्चों को हेल्थ एक्सपर्ट्स की सलाह के बाद दी जा सकती है, तो देश में उपलब्ध कोविशील्ड और कोवैक्सीन सबसे पहले 12वीं के सभी बच्चों एवं सभी शिक्षकों को लगाई जाए। अगर वैक्सीन उपलब्ध करा दी जाए तो राज्य सरकारें 1 सप्ताह में 12वीं के सभी विद्यार्थियों व टीचर्स को वैक्सीन लगवा दें।

दिल्ली के छात्रों को दो दिन में लगाई जा सकती है वैक्सीन 

उन्होंने आगे कहा कि दिल्ली में तो हम अधिकतम 2 दिन में ही 12वीं के सभी विद्यार्थियों व सभी शिक्षकों को वैक्सीन लगाने का काम पूरा कर लेंगे। मेरा मानना है कि 12वीं में पढ़ने वाले लगभग 95% विद्यार्थी 17.5 साल की उम्र के ऊपर हैं। केंद्र सरकार हेल्थ एक्सपर्ट्स से बात करे कि 18 से अधिक आयुवर्ग को दी जाने वाली वैक्सीन, क्या 12वीं में पढ़ने वाले 17.5 साल के विद्यार्थियों को दी जा सकती है?

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