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बंगाल में लोगों के पलायन पर SC सख्त, केंद्र-राज्य सरकार से मांगा जवाब 

pooja 25-05-2021 13:19:35 12 Total visiter


नई दिल्ली। 2 मई को संपन्न हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद हुई हिंसा के बाद करीब एक लाख लोगों के पलायन को लेकर मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। सुनवाई के बाद कोर्ट ने बंगाल सरकार और केंद्र सरकार से इस मामले में जवाब देने के लिए नोटिस जारी किया है। जस्टिस विनीत शरण और जस्टिस बीआर गवई की हॉलीडे बेंच ने याचिकाकर्ता के वकील पिंकी आनंद की मांग पर राष्ट्रीय महिला आयोग और एनचआरसी को पार्टी बनाने की मंजूरी दी है। इस मामले पर अगली सुनवाई अब 7 जून को होगी।

क्यों दायर की गई है याचिका  

सामाजिक कार्यकर्ता और पीड़ित परिवारों की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई याचिका में कहा गया कि राज्य प्रायोजित हिंसा के कारण पश्चिम बंगाल में लोगों का पलायन एक गंभीर मानवीय मुद्दा है। यह लोगों के अस्तित्व का मामला है। इन लोगों को दयनीय परिस्थितियों में रहने के लिए मजबूर किया जा रहा है, जो भारत के संविधान के अनुच्छेद-21 के तहत नागरिकों को मिले मौलिक अधिकार का साफतौर पर उल्लंघन है।

याचिका में आगे कहा गया है कि केंद्र सरकार को संविधान के अनुच्छेद-355 के तहत अपने कर्तव्य का निर्वहन करते हुए राज्य को आंतरिक अशांति से बचाना चाहिए। राज्य में राजनीतिक हिंसा, हत्या और रेप की घटनाओं की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन करने की मांग की गई है। साथ ही, मांग की गई कि विस्थापित व्यक्तियों के लिए शिविर, भोजन, दवाओं की तत्काल व्यवस्था भी की जाए।

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