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हाईकोर्ट ने गरीबों पर पूछा केजरीवाल सरकार से सवाल; गरीब, बेसहारा महिलाओं और दिव्यांगों को राशन कब? 

pooja 25-05-2021 15:59:04 12 Total visiter


नई दिल्ली। कोरोना काल में गरीबों, बेसहारा महिलाओं और दिव्यांगों के प्रति चिंता जताते हुए दिल्ली हाई कोर्ट ने दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार से पूछा है कि इन लोगों को राशन कब दिया जाएगा। साथ ही कोर्ट ने मंगलवार को दिल्ली सरकार से गरीबों, खासकर बेसहारा महिलाओं और दिव्यांग बच्चों को राशन मुहैया करने के लिए जल्द ही अपनी नीति को अंतिम रूप देने को कहा है। हाईकोर्ट ने कहा कि हमें उम्मीद है कि सरकार जल्द ही अपनी नीति को अंतिम रूप देकर लागू करेगी ताकि महामारी में किसी गरीब, बेसहारा और लाचार राशन की कमी के चलते भूखा नहीं रहे।

योजना को अंतिम रूप देने में लगी दिल्ली सरकार 

न्यायमूर्ति रेखा पल्ली की इस टिप्पणी पर दिल्ली सरकार के स्थाई वकील संतोष त्रिपाठी ने कहा कि गरीबों को राशन और भोजन मुहैया कराने की नीति बनाई जा रही है और जल्द ही इसे अंतिम रूप दिया जाएगा। उन्होंने हाईकोर्ट को यह जनाकारी तब दी, जब पूछा गया कि आप (सरकार) गरीब लोगों से क्या चाहते हैं? क्या वे भोजन के लिए भीख मांगें? इस पर वकील त्रिपाठी ने हाईकोर्ट को बताया कि जल्द ही राजधानी में 240 से अधिक केंद्र खोले जाएंगे ताकि गरीबों, बेसहारा, बेघरों को महामारी में बिना किसी पहचान पत्र राशन मुहैया कराया जा सके।

जुलाई में होगी अगली सुनवाई 

अदालत में मामले की अगली सुनवाई जुलाई में निर्धारित करते हुए कहा कि ऐसी उम्मीद है कि दिल्ली सरकार नीति को अंतिम रूप देने के लिए तेजी से कदम उठाएगा ताकि यहां याचिकाकर्ता जैसे गरीब लोग, बेसाहारा महिलाएं और दिव्यांग बच्चे भोजन के अभाव में भूखे न रहें।

बता दें कि कोर्ट दिल्ली के सात परिवारों की ओर से दायर एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी जिन्होंने कोविड-19 की वजह से आजीविका अर्जित करने वाले सदस्य खो दिए या महामारी की वजह से उनकी नौकरी चली गई और उनके पास आजीविका का कोई साधन नहीं बचा और जो बिना राशन कार्ड के राशन सुविधाएं दिए जाने का अनुरोध कर रहे हैं। कोर्ट ने याचिका पर दिल्ली सरकार और उपभोक्ता मामला मंत्रालय को नोटिस जारी कर अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। 

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