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120 जान ले चुके ब्लैक फंगस को महाराष्ट्र सरकार ने घोषित की महामारी, जानें कोरोना पर क्या है इसका असर 

pooja 25-05-2021 16:24:29 14 Total visiter


मुंबई। कोविड-19 महामारी का कहर झेल रहे महाराष्ट्र के लिए ब्लैक फंगस या म्यूकोर्मिकोसिस मुसीबत का सबब बनता जा रहा है। राज्य में अब तक ब्लैक फंगस से 120 लोगों की जान जा चुकी है। इसका सबसे अधिक प्रभाव पुणे में देखने को मिला है। यहां अब तक इस भयंकर बीमारी से 27 लोगों की मौत हुई है। वहीं इससे नांदेड़ में 22 और मुंबई में 5 लोगों की मौत हुई है। ब्लाक फंगस के इसी बढ़ते कहर को देखते हुए महाराष्ट्र सरकार ने इससे महामारी घोषित कर दिया है।

महाराष्ट्र में ब्लैक फंगस के 2245 मामले 

कोरोना की ही तरह ब्लैक फंगस भी अन्य राज्यों के मुकाबले महाराष्ट्र में अधिक तेजी से फ़ैल रहा है। महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने कहा, "फिलहाल पॉजिटिविटी रेट 12 फीसदी है और रिकवरी रेट 93 फीसदी। राज्य में ब्लैक फंगस के 2245 मामले हैं। ब्लैक फंगस के मरीज़ों का राज्य के अस्पतालों में महात्मा ज्योतिबा फुले जन आरोग्या योजना के तहत मुफ्त में इलाज किया जाएगा।" 

उन्होंने आगे कहा कि राज्य के 18 ज़िलों में जहां संक्रमण दर ज्यादा है, वहां अब मरीज़ों के होम आइसोलेशन में रहने पर पाबंदी लगा दी गई है। उन्होंने कहा कि इन ज़िलों के लोगों को अब पॉजिटिव आने पर क्वारंटीन सेंटर में रहना होगा। होम आइसोलेशन की मंज़ूरी नहीं है।

क्या है एक्सपर्ट की राय 

ब्लैक फंगस के लगातार बढ़ते मामलों को लेकर एक्सपर्ट बताते हैं कि कोरोना की बीमारी से ठीक होने के बाद कुछ मरीजों में म्यूकरमाइकोसिस नाम का फंगल इन्फेक्शन देखने मिल रहा है। जिसका इलाज एक चुनौती से कम नहीं है। ऐसे करीब 12 मरीज मुंबई से सटे ठाणे के वेदांत अस्पताल में म्यूकरमाइकोसिस वार्ड में अपना इलाज करवा रहे हैं। इस वार्ड में सिर्फ इसी बीमारी के मरीजों का इलाज किया जाता है। इस अस्पताल में डॉक्टरों ने कई मरीजों की सर्जरी कर ली है तो कुछ मरीजों का ऑपरेशन बाकी है।

ऐसे मरीजों का इलाज करने के लिए कई तरह के स्पेशलिस्ट होते हैं जैसे कि न्यूरोसर्जन, फिजिशियन, इएनटी स्पेशलिस्ट काम करते हैं क्योंकि ब्लैक फंगस से बीमार सभी मरीजों में खासकर नाक, कान और मुंह से जुड़े लक्षण सामने आए हैं।

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