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बु्द्ध पूर्णिमा में पीएम ने फ्रंटलाइन वर्कर्स किया याद, कही ये बड़ी बात 

Shikha Awasthi 26-05-2021 11:56:45 14 Total visiter


नई दिल्ली। 26 मई को पूरे देश में बु्द्ध पूर्णिमा मनाया जा रहा है। बु्द्ध पूर्णिमा के इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी ने वेसाक वैश्विक समारोह को संबोधित किया। इस दौरान पीएम मोदी ने अपने संबोधन में भगवान बुद्ध ने जीने के तरीके और प्रकृति मां के सम्मान पर जोर दिया। पीएम ने इस दौरान कोरोना को भी लेकर बात की। उन्होंने कोरोना को मानवता पर सबसे बड़ा खतरा बताया। उन्होंने कहा कि कोरोना मानवता पर सबसे बड़ा खतरा है।

बुद्ध पूर्णिमा पर वर्चुअल वेसाक वैश्विक समारोह के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा किमैं एक बार फिर अपने फ्रंटलाइन हेल्थकेयर वर्कर्स, डॉक्टरों, नर्सों को सलाम करता हूं जो निस्वार्थ भाव से दूसरों की सेवा करने के लिए अपनी जान जोखिम में डालते हैं, जिन्होंने अपने प्रियजनों को खोया है। मैं शोक व्यक्त करता हूं।

हमें महामारी की बेहतर समझ: पीएम

पीएम मोदी ने आगे कहा कि हमारा ग्रह कोविड-19 के बाद पहले जैसा नहीं रहेगा। अब हमें महामारी की बेहतर समझ है। हमारे पास वैक्सीन है। भारत को हमारे वैज्ञानिकों पर गर्व है जिन्होंने निस्वार्थ भाव से इस संकट की घड़ी में देश के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान दिया। पीएम मोदी ने कहा कि मौसम का मिजाज बदल रहा है, ग्लेशियर पिघल रहे हैं, नदियां और जंगल खतरे में हैं। हम अपने ग्रह को घायल नहीं रहने दे सकते।

उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने दी बधाई

बुद्ध पूर्णिमा की पूर्व संध्या पर बधाई देते हुए उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने कहा कि इस अवसर पर लोगों को भगवान बुद्ध की ओर से दिखाए गए करुणा और सहिष्णुता के मार्ग का पालन करना चाहिए। उपराष्ट्रपति ने अपने संदेश में कहा- भगवान बुद्ध इस धरती के महानतम आध्यात्मिक गुरुओं में से एक थे। भगवान बुद्ध की ओर से दिया गया शांति, भाईचारे और करुणा का शाश्वत संदेश विश्व के मनुष्यों को नैतिक मूल्‍यों और संतोष पर आधारित जीवन जीने की दिशा में प्रयास करने के लिए प्रेरित करता है।

बता दें कि हर साल इस कार्यक्रम का आयोजन भारत सरकार की संस्कृति मंत्रालय अंतरराष्ट्रीय बौद्ध परिसंघ (आईबीसी) मिलकर आयोजित करते हैं। इस कार्यक्रम में दुनियाभर के बौद्ध संघों के सभी प्रमुख लोग शामिल हो रहे हैं। प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, इस समारोह को दुनिया के 50 से अधिक प्रमुख बौद्ध धार्मिक नेता संबोधित करेंगे।

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