इमेज टुडे - ज़िन्दगी में भर दे रंग - समाचारों का द्विभाषीय पोर्टल

देशभर में 18 साल से ऊपर के लोगों को वैक्सीनेशन के लिए आज से शुरू हो रहा रजिस्ट्रेशन      ||      लखनऊ: मेदांता अस्पताल में मरीजों की मदद के लिए प्रियंका गांधी ने भेजा ऑक्सीजन का टैंकर      ||      भारत में कोरोना की बिगड़ती स्थिति पर संयुक्त राष्ट्र संघ ने बढ़ाया मदद का हाथ      ||      असम में आए भूकंप पर प्रियंका गांधी ने कहा- असम के लोगों के लिए मेरा प्यार और प्रार्थनाएं      ||      PM CARES से DRDO खड़े करेगा 500 ऑक्सीजन प्लांट      ||     

टोक्यो ओलंपिक को रद्द करने की मांग हुई तेज, जनता और डॉक्टर्स के बाद इन्होने ने की भी मांग

Shikha Awasthi 26-05-2021 17:37:38 11 Total visiter


टोक्यो। 23 जुलाई से आठ अगस्त के बीच जापान के टोक्यो में होने वाले ओलंपिक को लेकर करने की मांग तेज हो गई है। कोविड के बढ़ते प्रकोप के कारण इन खेलों पर संकट बना हुआ है। जापान के कई इलाकों में इमरजेंसी लगी हुई है। जापान के लोगों में भी इन खेलों के प्रति कोई ज्यादा रुझान नहीं देखा जा रहा है। वह भी इसके टालने या रद्द करने की मांग कर रहे हैं। कई लोग इसके विरोध में आ रहे हैं और अब जापान के एक प्रमुख समाचार पत्र असाही शिमबुन ने बुधवार को टोक्यो ओलिंपिक को रद्द करने की अपील की जिनके शुरू होने में अब दो महीने से भी कम का समय बचा है।

असाही जापान के प्रमुख अख़बारों में से एक है जो ओलिंपिक रद्द करने की क्षेत्रीय समाचार पत्रों की मुहिम में शामिल हुआ है। इस समाचार पत्र का ओलिंपिक के खिलाफ आवाज उठाना इसलिए महत्वपूर्ण हो सकता है क्योंकि वह जापान के कई अन्य समाचार पत्रों की तरह 23 जुलाई से शुरू होने वाले खेलों का प्रायोजक है। असाही को उदारपंथी समाचार पत्र माना जाता है और अक्सर प्रधानमंत्री योशिहिदे सुगा की सत्तारूढ़ पार्टी का विरोध करता है।

बुधवार को समाचार पत्र ने लिखा कि, 'हम मांग करते हैं कि प्रधानमंत्री सुगा रद्द करने का फैसला करें' शीर्षक के तहत लिखा है, "हम नहीं समझते कि इन गर्मियों में शहर में ओलिंपिक का आयोजन करना तर्कसंगत है। इसमें कहा गया है, "हम प्रधानमंत्री सुगा से मांग करते हैं कि वे शांतचित होकर परिस्थितियों का आंकलन करें और गर्मियों में होने वाले इस आयोजन को रद्द करने का फैसला करें।"

43 फीसदी लोग नही चाहते हैं की ओलंपिक हो  

बता दें कि हालहि में एक सर्वे में जापान के 80 फीसदी से ज्यादा लोगों ने मौजूदा हालात में खेलों के आयोजन के खिलाफ वोट किया। सर्वे के नतीजों के अनुसार, 43 प्रतिशत जापानी लोग चाहते हैं कि यह खेल रद्द हो जाएं तो वहीं 40 प्रतिशत जापानी लोग चाहते हैं कि इन्हें टाल दिया जाए। वहीं जापान की सबसे बड़ी कंपनियों और व्यवसायियों में शुमार राकुटेन ग्रुप के संस्थापक हिरोशी मिकितानी ने ओलिंपिक खेलों की मेजबानी को सुसाइड मिशन जैसा बताया है। उन्होंने कहा कि इन खेलों को रद्द कर देना चाहिए। टोक्यो में 23 जुलाई से 8 अगस्त के बीच ओलिंपिक और फिर अगस्त के अंत में पैरालिंपिक खेलों का आयोजन होना है। यह खेल वैसे तो पिछले साल होने थे लेकिन कोरोना के कारण इन्हें एक साल तक के लिए टाल दिया गया था। 

Comments

Subscribe

Receive updates and latest news direct from our team. Simply enter your email below :