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नारदा स्टिंग केस: ममता के मंत्रियों को शर्तों के साथ मिली जमानत, करना होगा पालन

Shikha Awasthi 28-05-2021 16:30:26 11 Total visiter


कोलकाता। नारदा स्टिंग केस मामले में सीबीआई की ओर से गिरफ्तार किए गए टीएमसी के चारों नेताओं को कलकत्ता हाई कोर्ट ने बड़ी राहत दे दी। पिछले एक सप्ताह से सीबीआई की जेल में बंद टीएमसी के मंत्री फिरहाद हाकिम, सुब्रत बनर्जी और विधायक मदन मित्रा और कोलकाता के पूर्व मेयर शोभन चटर्जी की अर्जी पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने उनकी अंतरिम जमानत मंजूर कर ली है।

2 लाख रुपए के मुचलके पर मिली जमानत
 
कलकत्ता हाईकोर्ट ने शुक्रवार को मामले में सुनवाई करते हुए तृणमूल कांग्रेस के सभी नेताओं को 2 लाख रुपये का मुचलका भरने का आदेश दिया है। इसके साथ ही सभी नेताओं को दो जमानती भी लाने का आदेश जारी किया गया है। अदालत ने आदेश दिया है कि चारों नेता नारदा स्टिंग केस की जांच में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आगे भी जुड़े रहेंगे।
 
कोर्ट ने चारों नेताओं को दिए निर्देश

कलकत्ता हाईकोर्ट ने इन नेताओं के बेल देते हुए इनके नारदा केस को लेकर मीडिया में बयान देने पर रोक लगा दी है। इसके साथ ही इन नेताओं को सख्‍त निर्देश दिए गए हैं कि इस केस से जुड़ी कोई भी बात किसी भी मीडिया इंटरव्यू में नहीं बताई जाएगी। अदालत ने चारों नेताओं को यह चेतावनी देते हुए अंतरिम जमानत दी है कि यदि वह किसी भी शर्त का उल्लंघन करते हैं तो फिर बेल को निरस्त कर दिया जाएगा। बता दें कि इस केस में 19 को मई को डिविजन बेंच ने चारों नेताओं को हाउस अरेस्ट करने का आदेश दिया था।

क्या है नारदा स्टिंग केस?

नारदा टीवी न्यूज चैनल के मैथ्यू सैमुअल ने 2014 में कथित स्टिंग ऑपरेशन किया था जिसमें तृणमूल कांगेस के मंत्री, सांसद और विधायक लाभ के बदले में एक कंपनी के प्रतिनिधियों से कथित तौर पर धन लेते नजर आए थे। जांच एजेंसी ने आरोप लगाया कि फिरहाद हाकिम को स्टिंग ऑपरेशन करने वाले से पांच लाख रुपये रिश्वत लेने की बात स्वीकार करते हुए देखा गया, जबकि मदन मित्रा और सुब्रत मुखर्जी को कैमरे पर पांच-पांच लाख रुपये रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया। शोभन चटर्जी को स्टिंग करने वाले से चार लाख रुपये लेते हुए देखा गया। सीबीआई के मुताबिक आईपीएस अधिकारी एसएमएच मिर्जा को भी कैमरे पर पांच लाख रुपये लेते हुए पकड़ा गया।

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