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किसान पिता-पुत्र ने की आत्महत्या, आधिकारी ने किया चौकाने वाला खुलासा

pooja 23-02-2021 15:12:28 26 Total visiter


जालंधर। होशियारपुर के मोहदीपुर गांव में कर्ज में डूबे किसान पिता-पुत्र ने आत्महत्या कर ली। लेकिन उनके मौत के दो दिन बाद पता चला कि पंजाब में किसानों के लिए 2017 में शुरू की गई ऋण माफी योजना के तहत उनका लोन माफ कर दिया गया था। 

बता दें कि होशियारपुर के मोहदीपुर गांव में बीते शुक्रवार की रात किसान जगतार सिंह बाजवा (70) जो अपने गांव के सरपंच रह चुके थे और वर्तमान में नंबरदार थे और उनके बेटे कृपाल सिंह बाजवा (40) ने आत्महत्या कर ली थी। दोनों पिता-पुत्र ने किसान आंदोलन में भी सक्रिय रूप से भाग लिया था।। मरने से पहले उनके बेटे ने एक सुसाइड नोट भी लिखा था। जिसमें उसने इस कदम के लिए केंद्र को दोषी ठहराया, साथ ही यह भी इंगित किया कि पंजाब की कांग्रेस सरकार उनके कर्ज माफ करने में विफल रही।


अब पता चला है कि 2017 में घोषित राज्य सरकार की ऋण माफी योजना के लिए पात्र होने के बावजूद सहकारी सोसायटी ने अपना कर्ज वसूलने के लिए छह महीने पहले उन्हें घर और संपत्ति की नीलामी के बारे में सूचना भेजी थी। वहीं, पंजाब सरकार का दावा है कि हाल ही में कर्ज माफी की उनकी फाइल को मंजूरी दे दी गई थी, लेकिन सोसायटी द्वारा उन्हें इसके बारे में सूचित नहीं किया गया था।


बता दें कि जगतार 3 एकड़ जमीन वाला एक छोटा किसान था, जिसमें से उसने अपने दो बेटों को एक-एक एकड़ जमीन हस्तांतरित की थी। एक एकड़ का एक हिस्सा उन्होंने एक निजी बैंक से ऋण का भुगतान करने के लिए कुछ साल पहले बेची थी। पिता और पुत्र पर कुल मिलाकर 6.50 लाख रुपए का कर्ज था।


वहीं सोसायटी के सचिव अमृत सिंह ने कहा कि उन्हें ऐसे किसी नोटिस की जानकारी नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि कर्ज माफी के लिए उनकी फाइल को सरकार ने पिछले साल सितंबर-अक्टूबर में मंजूरी दे दी थी। मृतकों के घर से पंजाबी में लिखे दो अलग-अलग सुसाइड नोट बरामद हुए हैं। दोनों नोटों में कहा गया है कि हर राजनीतिक दल को किसानों के वोटों की चिंता थी और किसी को भी उनकी चिंता नहीं थी।


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