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डॉक्टर्स का दावा कोरोना से लड़ने के लिए बेहद कारगर है 'एंटीबॉडी कॉकटेल'

Shikha Awasthi 31-05-2021 12:12:22 10 Total visiter


नई दिल्ली। कोरोना संक्रमितों के इलाज में इन दिनों 'एंटीबॉडी कॉकटेल' खूब सुर्ख़ियों में हैं। इसकी एक वजह यह भी है कि डॉक्टर्स इसे कोरोना के इलाज में बेहद कारगर बता रहे हैं। 

क्या होता है एंटीबॉडी कॉकटेल

कोरोना की अभी कोई सटीक दवाई नही है। इस कारण डॉक्टर्स कोरोना मरीजों को दूसरे बीमारियों में इस्तेमाल होने वाली दवाएं देते हैं। इसी कड़ी में इन दिनों 'एंटीबॉडी कॉकटेल' सुर्खियों में है। ये दो दवाओं का मिश्रण है जिसमें कैसीरीविमैब और इमडेवीमैब शामिल है। यह कॉकटेल कोरोना के गंभीर मरीजों को दी जाती। आमतौर पर ऐसे मरीज़ जो 'हाई रिस्क' ग्रुप में आते हैं। पिछले साल दुनिया की सबसे ताकतवर शख्सियतों में शुमार अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को ‘एंटीबॉडी कॉकटेल’ की इंजेक्शन दी गई थी।

क्या है विशेषज्ञों की राय

मुख्य चिकित्सा वैज्ञानिक डॉक्टर रमण गंगाखेडकर का कहना है कि ये कॉकटेल आमतौर पर वायरस के म्यूटेशन को रोकता है। म्यूटेट होने का मतलब है वायरस के जेनेटिक मटेरियल में बदलाव होना। वैज्ञानिकों ने इस वायरस में हज़ारों म्यूटेशन देखे हैं। डॉक्टर के अनुसार, कोरोना के इलाज में ये बेहद अहम दवा है। उन्होंने कहा कि कोरोना पॉजिटिव आने के बाद ये कॉकटेल मरीज को 3 से 10 दिनों के अंदर देनी चाहिए। अब तक के स्टडी के मुताबिक 80 फीसदी मरीज जिन्होंने के कॉकटेल ली उन्हें इलाज के लिए अस्पताल नहीं जाना पड़ा। 

सिप्ला एंटीबॉडी कॉकटेल बनाने का किया था दावा 

प्रमुख फार्मा कंपनी रोश इंडिया और सिप्ला ने पिछले हफ्ते भारत में रोश के एंटीबॉडी कॉकटेल को पेश करने की घोषणा की थी। इसकी कीमत 59,750 रुपये प्रति खुराक है। डॉक्टर नरेश त्रेहान के अनुसार जिन बच्चों का वजन 40 किलो से ज्यादा है उन्हें भी ये कॉकटेल दी जा सकती है।

बता दें कि कोरोना की दूसरी लहर से निपटने के लिए सरकार हर मुमकिन कोशिश कर रही है। इसी क्रम में कई तरह की दवाएं लाई जा रही हैं। हाल ही में  कुछ दिन पहले DRDO की एक दवा का भी इमरजेंसी यूज मरीजों पर किया जा रहा है। कोरोना महामारी के इलाज में गेमचेंजर बनकर आई डीआरडीओ की देसी दवाई 2 DG का मरीजों पर अच्छा असर दिखाई दे रहा है।

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