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PM मोदी को इंतजार करवाने वाले मुख्य सचिव अलापन ने लिया रिटायरमेंट, ममता सरकार में इस हैसियत से करेंगे काम  

Shikha Awasthi 31-05-2021 18:19:28 14 Total visiter


कोलकाता। केंद्र और पश्चिम बंगाल सरकार के बीच टकराव में सोमवार को एक और नया अध्याय जुड़ गया। पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव अलापन बंधोपाध्याय को केंद्र सरकार ने सोमवार को दिल्ली बुलाया था। पर वो नहीं पहुंचे। उसके कुछ ही मिनटों बाद बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मुख्य सचिव अलापन बंद्योपाध्याय के तबादले के निर्देश से नाराज होकर अलापन बंद्योपाध्याय के रिटायरमेंट की घोषणा कर दी। साथ ही उन्हें अपना मुख्य सलाहाकार नियुक्त कर दिया। ममता ने फिलहाल इस मुद्दे पर कुछ भी बोलने से इंकार कर दिया है। 

अलापन का मुख्य सचिव के तौर पर कार्यकाल 3 महीने बढ़ाए जाने पर उन्होंने चुनौती भरे अंदाज में कहा कि वक्त आने पर जवाब दूंगी। इसके करीब आधे घंटे बाद ही उन्होंने अलापन को 3 साल तक मुख्य सलाहकार बनाए जाने का फैसला ले लिया। जबकि वर्तमान गृह सचिव एचके द्विवेदी नए मुख्य सचिव होंगे। बीपी गोपालिका को नया गृह सचिव बनाया गया है। अलापन बंद्योपाध्याय की नियुक्ति तीन वर्ष के लिए की गयी है और उन्हें मासिक 2.5 लाख रुपए वेतन मिलेंगे। बता दें कि सीएम ममता बनर्जी के पत्र के बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय ने अलापन बंद्योपाध्याय को ज्वाइन करने का निर्देश दिया था। उसके बाद अलापन बंद्योपाध्याय ने रिटायरमेंट का निर्णय लिया है।

ममता ने अधिकारियों से किया एकजुट होने का आह्वान 

सीएम ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए सभी राज्यों और अधिकारियों को एकजुट होकर लड़ाई का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि दो सिंडिकेट के फैसले के खिलाफ लड़ाई करनी होगी। उन्होंने सभी राज्यों और नौकरशाहों से तानाशाही रवैये के खिलाफ एकजुट होकर लड़ाई करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार स्टालिन की तरह काम कर रही है। उन्होंने कहा कि वे लोग हमें तंग करते हैं, लेकिन उनका हौसला नहीं तोड़ पाएंगे। हम लड़ेंगे और जीतेंगे।

बदले की राजनीति कर रही है केंद्र 

ममता ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने प्रतिशोध के कारण कंस्लटेशन नहीं किया है, वरन केवल इनसल्ट किया है। यह इस कारण किया है कि क्योंकि बंगाल की जनता ने बीजेपी को खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि मुख्य सचिव राज्य के सबसे बड़े नौकरशाह है। 74 साल की स्वतंत्रता में कभी भी ऐसा नहीं हुआ था। केंद्र सरकार की ओर से भेजे गए पत्र में यह नहीं बताया गया था कि वह क्यों ज्वाइन करेंगे? यह प्रतिशोधमूलक आचरण है। इतना निर्मम पीएम और केंद्रीय गृह मंत्री को नहीं देखा है। जानकारी के लिए बता दें कि इसके पहले सीएम ममता बनर्जी ने पीएम नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर अलापन के तबादले पर पुनर्विचार करने की मांग की थी और तबादले को राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित करार दिया था। ममता ने कहा कि केंद्र सरकार संघीय व्यवस्था को पूरी तरह बुलडोज करने की कोशिश कर रही है। मोदी सरकार संघीय व्यवस्था और प्रजातंत्र को नष्ट करना चाहती है। 

मोदी की मीटिंग में देर से पहुंचे थे बंधोपाध्याय

अलापन बंधोपाध्याय चक्रवात यास के रिव्यू के लिए शुक्रवार को बुलाई गई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मीटिंग में देरी से पहुंचे थे। इसके बाद शाम को ही उन्हें दिल्ली बुलाने के आदेश जारी हो गए। रिटायर्ड सीनियर ब्यूरोक्रेट्स और लीगल एक्सपर्ट्स का मानना ​​है कि केंद्र सरकार ने भले चीफ सेक्रेटरी को दिल्ली रिपोर्ट करने का आदेश दे दिया हो, लेकिन इसे लागू करना मुश्किल हो सकता है। उन्हें रिलीव करना राज्य सरकार के अधिकार में आता है। ऐसे में ममता उन्हें दिल्ली भेजने से इनकार कर सकती हैं। ममता ने कुछ दिन पहले ही बंधोपाध्याय का कार्यकाल तीन महीने बढ़ाने की बात कही थी।

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