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समंदर में अपना दबदबा कायम करेगा भारत, 6 शक्तिशाली सबमरीन बनाने की योजना को मिली मंजूरी

Shikha Awasthi 04-06-2021 16:09:59 9 Total visiter


नई दिल्ली। चीन और पाकिस्तान से हर मोर्चे पर लोहा लेने के लिए भारत ने अपनी कमर कस ली है। इसी के तहत भारत दुनिया के कई देशों से सामरिक समझौते करके भारतीय सेना को मजबूत करने में लगा हुआ है। इसी क्रम में भारत ने अब समंदर में अपनी ताकत को और बढ़ाने का फैसला किया है। मीडिया सूत्रों के हवाले से खबर सामने आई है कि रक्षा मंत्रालय ने प्रोजेक्‍ट 75- इंडिया के तहत 6 शक्तिशाली सबमरीन के निर्माण की मंजूरी दे दी है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अगुवाई में हुई बैठक में इस प्रोजेक्‍ट के लिए 50 हजार करोड़ रुपये को मंजूरी दे दी गई। 

इंडिया में  बनाई जाएगी सबमरीन

इन सबमरीन को सबमरीन मेड इन इंडिया प्रोजेक्‍ट के तहत तैयार की जाएंगी। इस प्रोजेक्ट को स्वेदेशी कंपनी मझगांव डॉक्स लिमिटेड और L&T को सौंपा गया है। इस प्रोजेक्‍ट के लिए ये दोनों कंपनियां किसी एक विदेश शिपयार्ड के साथ मिलकर जानकारी तैयार करेंगी उसके बाद बिड लगाएंगे। 

चीन से निपटने के लिए शुरू किया गया था प्रोजेक्‍ट 75- इंडिया

समुद्र में चीन के बढ़ते दबदबे और मनमानी को देखते हुए भारतीय नौसेना ने प्रोजेक्‍ट 75-इंडिया की शुरुआत की थी। इस प्रोजेक्‍ट के अंतर्गत 6 बड़ी सबमरीन बनाई जा रही है जो डीजल और इलेक्ट्रिक बेस्‍ड होगी। इस सबमरीन की खास बात ये है कि ये स्‍कॉर्पियन से 50 फीसदी तक बड़ी होगी। भारतीय नौसेना इन सभी 6 सबमरीन में हैवी-ड्यूटी फायरपावर की सुविधा चाहती है। नौसेना चाहती है सबमरीन इतनी ताकतवर हो कि उसमें एंटी-शिप क्रूज मिसाइल के साथ-साथ 12 लैंड अटैक क्रूज मिसाइल को भी लगाया जा सके।

बता दें कि भारतीय नौसेना के पास इस समय 12 पुरानी पारंपरिक हमलावर पनडुब्बियां और तीन नई कलवरी श्रेणी की पनडुब्बियां हैं। 1999 में अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार ने 24 डीजल हमले वाली पनडुब्बियों को शामिल करने के लिए 30 वर्षीय पनडुब्बी योजना को मंजूरी दी थी। ऐसे में अब तक इनमें से पहली पनडुब्‍बी को दिसंबर 2017 में 23,652 करोड़ रुपये की परियोजना के हिस्से के रूप में लॉन्‍च किया गया था। 2005 में इसकी स्वीकृति दी गई थी। 

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