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पढ़ें, दिल्ली सरकार की घर-घर योजना से केंद्र को क्या है समस्या 

Shikha Awasthi 06-06-2021 13:13:56 11 Total visiter


नई दिल्ली: दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने रविवार प्रेसकांफ्रेंस कर सवाल उठाया कि दिल्ली सरकार की घर-घर योजना लागु होने के दो दिन पहले इस योजना पर रोक क्यों लगा दी गई. सीएम केजरीवाल ने कहा की केंद्र सरकार ने इस योजना को यह कहकर खारिज कर दिया कि हमने केंद्र से मंजूरी नहीं ली है, जबकि हमने 5 बार अप्रूवल लिया था. अगले हफ्ते से घर-घर राशन पहुंचाने का काम शुरू होने वाला था. सारी तैयारी हो गई थी और अचानक आपने 2 दिन पहले इसे क्यों रोक दिया? ये गलत है. उन्होंने आगे कहा कि इस देश में स्मार्टफोन, पिज़्ज़ा की डिलीवरी हो सकती है तो राशन की क्यों नहीं? आप राशन माफिया के साथ खड़े होंगे तो गरीबों के साथ कौन खड़ा होगा? उन 70 लाख गरीबों का क्या होगा जिनका राशन ये राशन माफिया चोरी कर लेते हैं.

क्या है विवाद ?

आपको बता दें की दिल्ली सरकार की घर-घर योजना पिछले करीब तीन साल से चल रही है. इस योजना के तहत सरकार ने खाद्य एवं वितरण विभाग द्वारा मिलने वाले राशन को 72 लाख लोगों के घर तक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया है. इससे पहले मार्च में इस योजना को लेकर भी विवाद हुआ था जब केंद्र सरकार ने इसके नाम 'मुख्यमंत्री घर-घर योजना' को लेकर आपत्ति जताई थी. केंद्र का कहना है कि राशन वितरण राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत किया जाता है. ऐसे में कोई राज्य इसमें किसी तरह का बदलाव नहीं कर सकता. जिसके बाद 25 मार्च को इस योजना पर रोक लगा दी गई तो इसके नाम में बदलाव कर घर-घर राशन कर दिया गया.

24 मई को दिल्ली सरकार ने योजना को लागू कारने के लिए फाइल उपराज्यपाल के पास भेजी. लेकिन एलजी ने दो कारण बाताते हुए कहा कि ये योजना दिल्ली में लागू नहीं की जा सकती. जिसमें पहले कारण दिल्ली सरकार ने इस योजना के लिए केंद्र से अनुमति नहीं ली थी. जबकि दूसरा कारण - इससे संबंधित मामला कोर्ट में होना बताया गया.

क्या है घर-घर योजना 

इस योजना के तहत प्रत्येक राशन लाभार्थी को 4 किलो गेहूं का आटा, 1 किलो चावल और चीनी घर पर प्राप्त होता. वर्तमान में 4 किलो गेहूं, 1 किलो चावल और चीनी उचित मूल्य की दुकानों से मिलता है. योजना के तहत गेहूं के स्थान पर गेहूं का आटा दिया जाता और चावल को साफ करके पैकेट में दिया जाता. राशन डीलर खराब गुणवत्ता वाला राशन नहीं देता. राशन की दुकानों के चक्कर नहीं लगाना पड़ता. केंद्र सरकार की ‘वन नेशन, वन कार्ड योजना’ को पूरा करती है यह योजना.


 

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