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किसान आंदोलन को मिला दीदी का समर्थन, ममता बोलीं - वापस लो कृषि कानून 

Shikha Awasthi 09-06-2021 19:01:31 8 Total visiter


कोलकाता : दिल्ली की सीमा पर पिछले कई दिनों से जारी किसान आंदोलन अब कौन सा रूप लेने वाला है तो साफ़ नहीं है लेकिन आंदोलन को धार देने का प्रयास जारी है. बुधवार को भारतीय किसान यूनियन के नेता राजेश टिकैत कोलकाता में सचिवालय में बंगाल की सीएम ममता बनेर्जी से मुलाकात करने पहुंचे. मिली जानकारी के अनुसार, दोनों नेताओं के बीच केंद्र के कृषि कानूनों के खिलाफ किसान आंदोलन को तेज करने और सरकार को घेरने की रणनीति पर चर्चा हुई. मुलाकात से पहले किसान नेता राकेश टिकैत ने मीडिया से कहा था कि आज वो तीन बजे मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से मुलाकात करेंगे. इस दौरान उनकी बात कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा और स्थानीय किसानों के मुद्दे पर होगी. भारतीय किसान यूनियन के नेता ने कहा बंगाल सरकार को राज्य के किसानों से नियमित तौर पर बात करनी चाहिए. टिकैत ने यूपी में किसानों की हर महीने जिलाधिकारियों के साथ होने वाली बैठक की चर्चा करते हुए कहा कि यह नीति पूरे देश में लागू होनी चाहिए. बैठक ख़त्म होने के बाद राकेश टिकैत ने कहा कि मुख्यमंत्री ने हमें आश्वासन दिया कि वह किसान आंदोलन का समर्थन करना जारी रखेंगी. इस आश्वासन के लिए हम उनका धन्यवाद करते हैं. उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल को आदर्श राज्य के रूप में काम करना चाहिए और किसानों को अधिक लाभ दिया जाना चाहिए.

वहीँ केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने कहा कि उद्योगों को नुकसान हो रहा है और दवाओं पर जीएसटी लगाया जा रहा है. पिछले 7 महीनों से उन्होंने (केंद्र सरकार) किसानों से बात करने की जहमत तक नहीं उठाई है. मेरी मांग है कि तीनों कृषि कानून वापस लिए जाएं. दरअसल देश में कोरोना का प्रकोप कम होने के बाद किसान अपने आन्दोलन को मजबूती देने के लिए प्रयास कर रहें हैं. इसके लिए वह अलग अलग दलों के नेताओं को अपने पाले में करने का प्रयास भी कर रहें हैं.

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