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कानपुर की विनीता त्रिपाठी बनी भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट, दार्जिलिंग में हुई पहली पोस्टिंग

Shikha Awasthi 20-03-2021 15:25:33 34 Total visiter


कानपुर। कानपुर के किदवई नगर निवासी विनीता त्रिपाठी का चयन भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट के पद पर हुआ है। बता दें कि विनीता अपने परिवार की पांचवीं सदस्य हैं जो सेना में गई हैं। पिता विपिन त्रिपाठी भी सूबेदार हैं। मूल रूप से कानपुर देहात के गांव सेरुआ, ब्लॉक सरवनखेड़ा की रहने वाली विनीता ने पिता का ट्रांसफर अलग-अलग स्थानों पर होते रहने के कारण देश के अलग-अलग शहरों में शिक्षा ग्रहण की है।

बता दें कि 12वीं पास करने के बाद उनका चयन एमएनएस (मिलिट्री नर्सिंग सर्विस) सर्विस में हो गया। उसके बाद 5 साल की ट्रेनिंग के बाद गुरुवार को उनकी पासिंग आउट परेड मुंबई में हुई। उनकी पहली पोस्टिंग 158 बेस अस्पताल बागडोगरा (दार्जिलिंग) में हुई है।

वहीं गांव में उनके बाबा रामलाल त्रिपाठी को बधाई देने के लिए तमाम लोग शुक्रवार को पहुंचे। उनकी मां सीमा और भाई आयुष दिल्ली में है। पिता की पोस्टिंग हिसार में है।

इसमें कोई शक नहीं है कि सेना की ट्रेनिंग काफी मुश्किलों भरी होती है। पहले 2 साल तो मात्र तीन तीन घंटे की ही नींद मिलती है, पूरे दिन को ऐसे शेड्यूल किया जाता है कि एक मिनट बैठने का समय नहीं मिल पाता है। होम सिकनेस भी रहती है। लेकिन इन सबसे ऊपर है सेना में आना। यह गर्व और सम्मान की बात है।

विनीता ने बताया कि 12वीं के बाद 1 लाख लड़कियों में केवल 200 लड़कियां ही लिखित परीक्षा, मेडिकल, इंटरव्यू को पास किया था। उसके बाद साढ़े चार साल की ट्रेनिंग शुरू हुई। उन्होनें बताया कि ट्रेनिंग इतनी कड़ी होती थी कि उनको सोने तक का समय नहीं मिलता था। कई बार ट्रेनिंग के दौरान ही वो खड़े खड़े ही सो जाती थी। केवल एक साधरण फोन कमरे पर होता था, जिससे आप एक बार घर पर बात कर सकते थे। तीसरे साल में आकर स्मार्ट फोन मिले। उन्होंने कहा कि परिवार को देखकर ही प्रेरणा मिली और सेना में आई। वह कहती हैं कि मुझे देखकर परिवार की और बेटियों ने भी सेना में जाने की तैयारी शुरू कर दी है।

 

 

 

 

 

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