Parenting : बच्चा पढ़ाई से चुराता है जी, तो follow करें ये टिप्स

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लाइफस्टाइल। हर पैरेंट चाहता है कि उनका बच्चा पढ़ाई में तेज हो और फ्यूचर में सक्सेसफुल बने। इसके लिए पेरेंट बच्चे की हर जरूरत को पूरा करते हैं ताकि उनकी पढ़ाई में कोई कमी न रह जाए। लेकिन कई बार बच्चों का मन पढ़ाई में नहीं लगता है, यही वजह है कि वे कोई न कोई बहाना बनाकर पढ़ाई करने से मना कर देते हैं और इससे बचने की सोचते हैं। इससे उनकी पढ़ाई पर असर पड़ता है और पैरेंट्स भी तनाव में रहते हैं। अगर आपका बच्‍चा भी पढ़ाई से जी चुराता है तो पैरेंटिंग के ये टिप्स आपके काम आ सकते हैं।

बच्चों को खुद कराए रिवीजन

अक्सर बच्‍चे इसलिए भी पढ़ाई से जी चुराने लगते हैं क्योंकि वे अपना सबजेक्ट समझ नहीं पाते हैं। सब्जेक्ट में उनका इंटरेस्ट कम होने से वे पढ़ाई से भागने लगते हैं। ऐसे में पैरेंट्स की जिम्मेदारी बनती है कि वे इस बात का पूरा ध्‍यान रखें कि आपका बच्चा स्कूल में क्या सीखता है। साथ ही बच्चों को स्कूल में जो कुछ पढ़ाया जाता है, पैरेंट्स उन्हें घर पर उसका रिवीजन कराएं। इस तरह बच्‍चे जल्‍दी सीखते हैं और उनका पढ़ाई में मन लगने लगता है।

पढ़ाई के लिए करें समय निर्धारित

ये जरूरी नहीं है कि बच्चे को आप हर समय पढ़ाई करने के लिए मजबूर करें। इससे बच्चे का मन पढ़ाई से दूर होने लगता है। इसलिए यह पैरेंट्स की जिम्मेदारी है कि वे अपने बच्चों का पढ़ाई का समय निर्धारित करें। इससे उसे पता होगा कि तय समय पर ही उसे पढ़ाई करनी है। इस तरह वह खेल के साथ साथ पढ़ाई में भी रुचि लेने लगेगा।

 

जोर-जोर लेसन याद करने को कहे 

कई बार ऐसा होता है कि आपके सामने से हटते ही बच्चा पढ़ाई करना बंद कर देता है। इसके लिए आप यह तरीका अपना सकते हैं कि उसे जोर-जोर से अपना लेसन रीड करने को कहें। इससे फायदा यह होगा कि जब आप सामने नहीं होंगे तो भी आपका बच्चा पढ़ रहा है या नहीं यह आपको पता रहेगा। साथ ही उसको वो लेसन जल्दी याद होगा।

बच्चों को दें खेलने का समय

बच्चों का पढ़ाई में मन इसलिए भी नहीं लगता क्‍योंकि वे खेलना या टीवी देखना चाहते हैं। इसके लिए आप उनके गेम खेलने और टीवी देखने का समय भी तय कर दें। साथ ही उन्हें बताएं कि बच्चों के ज्यादा टीवी देखने से असर उनकी आंखों पर असर पड़ता है।

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