अगर आपका बच्चा Shy है, तो रखें इन बातों का ध्यान

0 193

लाइफस्टाइल। कुछ बच्चे बचपन से शरारती और बातूनी होते हैं तो कुछ सुस्त और शर्मीले स्वभाव के होते हैं। जब घर पर कोई मेहमान आता है तो दोनों तरह के बच्चों की अलग-अलग एक्टविटिज होती है। बात करें शर्मीले बच्चों की तो ये मेहमानों के सामने कुछ भी बोलने से कतराते हैं। कई बार तो ऐसे बच्चों के इस शर्मीलेपन के कारण कई पेरेंट्स मेहमानों के सामने शर्मिंदा महसूस करते हैं। अगर आपका बच्चा भी शर्मिला है तो उनके अंदर की shyness को दूर करने के लिए आज आपको कुछ टिप्स बताने जा रहे हैं।

विश्वास दिलाएं

शाई बच्चों के मन में यह विश्वास कायम करें कि वह अन्य बच्चों की तरह हैं और उनमें किसी तरह की कमी नहीं है। ऐसे बच्चों को रंग-भेद और बॉडी को लेकर नीचा ना दिखाएं।

शर्मीला कहने से बचें

अगर आपका बच्चा शर्मीला है और आप भी उसे मेहमानों के सामने शर्मीला कहते हैं तो आप गलती कर रहे हैं। अपने बच्चें को शाई कहने से बचें, क्योंकि ऐसे में वह खुद को जज करने लगते हैं।

ज्यादा बातचीत करें

शर्मीले बच्चे कम बात करने के साथ इमोशनल भी होते हैं। इसलिए आपको उनसे ज्यादा से ज्यादा बात करने करनी चाहिए। जिससे उनमें अन्य लोगों से भी बात करने का कॉन्फिडेंस जागेगा।

टीचर्स से बात करें

स्कूल में दाखिला होने के बाद एक बार टीचर्स से अपने बच्चे के शाई नेचर के बारे में जरुर बताएं। ताकि टीचर आपके शर्मिले बच्चे को चुप रहने पर अपमानित करने की बजाय उसे अलग तरह से समझाने की कोशिश करे।

डराए नहीं

ज्यादातर पैरेंट्स अपने शाई बच्चों को एक्टिव करने के लिए उनके डर का सहारा लेते हैं। वे बच्चों को काम न करने के साथ और भी कई बातों के लिए मारने-पीटने की सजा की बात से उन्हें डराते हैं जिसका उनपर बुरा असर पड़ सकता है।

उनकी बातों पर ध्यान दें

अगर आपका शर्मीला बच्चा आपसे बात करता है तो उसकी बात को ध्यान से सुन उनको रिस्पॉन्स जरूर करें। इससे बच्चें में बात करने की और इच्छा जागेगी।

प्रैक्टिस कराएं

अगर आप किसी मेहमान के घर या बर्थडे जैसी छोटी पार्टी में जा रहे हैं तो बच्चे को कुछ बोलने की प्रैक्टिस कराएं। उन्हें सिखाएं कि जब वो अपने से बड़े या फिर दोस्तों से मिलें तो उन्हें कैसे ग्रीट करना हैं ।

Leave A Reply