लेह पहुंचे रक्षा मंत्री राजनाथ, चीन को दिया ‘बड़ा संकेत’

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जम्मू। भारत-चीन तनाव के बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह शुक्रवार को लेह के स्टाकना पहुंचे। रक्षा मंत्री ने यहां जवानों को संबोधित करते हुए उनका हौसला बढ़ाया। उन्होंने कहा कि जवानों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। राजनाथ इस दौरान मशीन गन थाम कर निशाना लगाते भी दिखे। यह कदम उठाकर उन्होंने चीन को सीधा संकेत दिया कि दुश्मन की किसी भी हरकत का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा।

इस दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ के साथ चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत और आर्मी चीफ जनरल एमएम नरवाणे मौजूद रहे। रक्षा मंत्री ने सेना के अधिकारियों से मुलाकात की और सीमा के फॉर्वर्ड इलाके स्टाकना का दौरा किया। साथ ही उन्होंने सेना के टी-90 टैंकों और बीएमपी इन्फैन्ट्री व्हीकल के सैन्य अभ्यास को देखा और हथियारों का निरीक्षण किया।

रक्षा मंत्री ने कहा कि गलवां घाटी में जवानों ने देशवासियों के सम्मान की सुरक्षा की। जवानों की शहादत को हिंदुस्तान नहीं भूलेगा, आज तक भारत ने किसी की एक इंच जमीन पर कब्जा नहीं किया। उन्होंने साफ कहा कि अगर किसी ने भारत के स्वाभिमान पर चोट पहुंचाई तो उसे मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। उन्होंने जवानों से कहा कि मुझे और देश को आप सब पर पूरा भरोसा है।

पीएम मोदी भी कर चुके दौरा

बता दें कि गलवान घाटी में भारत और चीन के सैनिकों के बीच हिंसक झड़प के बाद जुलाई के पहले हफ्ते में ही रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को लेह जाना था, लेकिन तब अचानक उनका दौरा रद्द हो गया था। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद लेह पहुंचे। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने लद्दाख में मौजूद सेना को संबोधित किया और जवानों का हौसला बढ़ाया। तब पीएम मोदी घायल सैनिकों से अस्पताल में मिलने भी पहुंचे थे। पीएम की इस रैली के बाद ही चीन और भारत के बीच टकराव वाले इलाके से पीछे जाने को लेकर बात बनी थी।