हज यात्रा पर जाने के लिए सऊदी सरकार ने जारी की नई गाइडलाइन, जानिये क्या है बदलाव

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जयपुर। कोरोना के चलते सऊदी अरब सरकार ने हज यात्रा के लिए नियमों में कुछ बदलाव करते हुए नई गाइडलाइन जारी की है। इसके साथ ही यात्रियों के खर्चे में भी कुछ बढ़ोत्तरी भी कर दी है। सऊदी सरकार के नये नियमों के तहत हज के लिये आने वाले यात्रियों को पहले क्वॉरेटाइन रहना होगा। वहीं हज यात्रा पर जाने के तीन दिन पहले हज यात्री को कोरोना टेस्ट कराना अनिवार्य होगा। अगर जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आती है तो हज यात्रा निरस्त हो जाएगी। कोरोना की वजह से हज की अवधि भी 40 दिन से घटाकर 30 से 35 दिन की कर दी गई है। कोरोना महामारी की वजह से गर्भवती महिलाएं, लीवर, किडनी, कैंसर, हृदय रोगियों को हज यात्रा पर जाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।

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इस बार सोशल डिस्टेंसिंग के कारण हज यात्रियों को रहने के लिए ज्यादा जगह की जरूरत होगी। सऊदी सरकार ने वैट की दर 5 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दी है। वहीं वीजा फीस भी इस साल से लागू कर दी गई है। दूसरी ओर सऊदी में इस बार कोरोना की वजह से बसों में सोशल डिस्टेंसिंग की पालना करना अनिवार्य किया गया है। इसके चलते इस बार में बस में एक जगह से दूसरी जगह जाने के लिये 45 के बजाय 15 यात्री ही सफर करेंगे। इस कारण किराया ज्यादा देना होगा। इस वजह से किराये का खर्च तीन गुना अधिक होगा।

केन्द्रीय हज कमेटी के अनुसार हज यात्रा के लिए चयनित होने के बाद अगर कोई यात्री अपना आवेदन निरस्त कराता है तो उसके लिए पैसा देना होगा। 31 मार्च तक आवेदन निरस्त करने पर 1000 रुपये, एक अप्रैल से 30 अप्रैल तक निरस्त करने पर 5000 रुपये काटे जाएंगे। फ्लाइट के दिन मौके पर न पहुंचने या फ्लाइट मिस करने वालों को कम से कम 25 हजार रुपये या एक तरफ का हवाई जहाज के किराये के बराबर जुर्माना देना होगा। इसके साथ ही हज यात्रा करने के संबंध में कुछ नये नियम और भी लागू किये गये हैं।

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