तुर्की की मुराद पूरी करेगा तालिबान, लेकिन रखी ये बड़ी शर्त

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काबुल। तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयब इरदुगान लम्बे समय के तालिबान के कब्जे के बाद काबुल स्थित एयरपोर्ट के संचालन की इच्छा जाहिर करते रहे हैं। इरदुगान की ये मुराद अब पूरी सकती है। दरअसल, तालिबान ने काबुल एयरपोर्ट से अमेरिकी सैनिकों के जाने के बाद काबुल हवाई अड्डे को चलाने के लिए तुर्की से तकनीकी मदद मांगी है।

पहले अफगानिस्तान से सेना हटाये तुर्की: तालिबान

तालिबान ने तुर्की को काबुल एयरपोर्ट को चलाने के लिए तकनीकी सहयोग मांगने के साथ उसके सामने बड़ी शर्त भी रखी है। तालिबान ने कहा है कि पहले तुर्की की सेना को भी अफगानिस्तान छोड़ना होगा। गौरतलब है कि वर्तमान में तुर्की के करीब 200 से अधिक सैनिक काबुल एयरपोर्ट पर तैनात हैं।

शर्तों के साथ निर्णय लेना मुश्किल

वहीं तालिबान की मांग को लेकर तुर्की के अधिकारियों ने कहा कि तालिबान के सशर्त अनुरोध पर निर्णय लेना कठिन होगा। गौरतलब है कि मुस्लिम राष्ट्र तुर्की अफगानिस्तान में नाटो मिशन का हिस्सा था और अभी भी काबुल हवाई अड्डे पर उसके सैकड़ों सैनिक मौजूद हैं। बता दें कि तालिबान ने अमेरिकी और ब्रिटिश सैनिकों के साथ सभी विदेशी सैनिकों को 31 अगस्त तक काबुल एयरपोर्ट खाली करने का फरमान सुनाया है।