स्वयंभू हैं नागपुर के टेकड़ी विनायक

0 47

नागपुर के टेकड़ी गणपति बाप्पा विघ्नहर्ता के रूप में माने जाते हैं. नागपुर के सीताबर्डी (Sitabuldi )स्थित गणपत‍ि का यह भव्य दिव्य मंदिर करीब 250 वर्ष पुराना बताया जाता है. कहा जाता है कि इस मंदिर में भगवान श्रीगणेश की मूर्त‍ि खुद से विराजमान हुई थी ऐसा बताया जाता है कि 250 वर्ष पूर्व पीपल के पेड़ के नीचे यह प्रतिमा खुद प्रकट हुई थी. बाप्पा की मूर्त‍ि आज भी पीपल के पेड़ के नीचे ही विराजमान है. बाप्पा को चांदी का मुकुट पहनाया गया है. मान्यता है कि टेकड़ी गणपति बाप्पा के दर्शन करने वाला भक्त गरीब हो या अमीर, उसकी हर मनोकामना पूरी हो जाती है. यहां बाप्पा के दर्शन के लिये साल भर भक्तों का तांता लगा रहता है. विशेष रूप से गणेश चतुर्थी के दिन हजारों की संख्या में लोग यहां बाप्पा का दर्शन करने आते हैं. यहां व‍िराजमान गणपत‍ि को अष्टविनायक में सबसे पहले स्थान दिया गया है.