इतिहास के पन्नों से आज कहानी Potti Sriramulu की

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1917 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के एक सेशन में यह तय किया गया था कि भारत को आज़ादी मिलने के बाद हर राज्य का पुनर्गठन किया जाएगा. यह पुनर्गठन भाषाई आधार पर किया जाने वाला था. यानी एक भाषा बोलने वालों का एक राज्य. मगर जब 1947 में देश आज़ाद हुआ तब हालात पहले के माफिक एकदम बदल चुके थे. देश का धर्म के आधार पर बंटवारा हो चुका था और पूरे देश में साम्प्रदायिक दंगे हो रहे थे. ऐसे में आज़ाद भारत की सरकार के सामने भारत की एकता को कायम रखना सबसे बड़ी चुनौती थी.