यूपी की राजनीति के धुरंधर दो खिलाडी कांग्रेस छोड़कर TMC में हुए शामिल

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नई दिल्ली। यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री कमलापति त्रिपाठी का परिवार आज यानि सोमवार को ममता बनर्जी की तृणमूल पार्टी में शामिल हो गया। कांग्रेसी नेता राजेशपति त्रिपाठी और ललितेशपति त्रिपाठी आपस में पिता-पुत्र हैं। राजेशपति त्रिपाठी यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री कमलापति त्रिपाठी के पौत्र हैं। कमलापति त्रिपाठी की पांच पीढ़ियां कांग्रेस का हिस्सा रही हैं। दरअसल पश्चिम बंगाल में भारी जीत के बाद ममता बनर्जी अपनी पार्टी का राष्ट्रीय स्तर पर विस्तार करने में जुटी हैं, जिससे 2024 के लोकसभा चुनाव में वह दिल्ली की सत्ता पर अपनी दावेदारी ठोंक सकें।

इसीलिए वह दूसरे राज्यों में अपनी पार्टी तृणमूल कांग्रेस के विस्तार में जुटी हैं। उनके निशाने पर फिलहाल यूपी समेत वह राज्य हैं जहां अगले साल विधानसभा के चुनाव होने हैं। टीएमसी को विस्तार देने के लिए कांग्रेस के कई बड़े नेता पिछले कुछ माह में तृणमूल कांग्रेस में शामिल हुए हैं। टीएमसी में शामिल होने के बाद राजेशपति और ललितेश ने कहा कि ममला बनर्जी के नेतृत्व में भाजपा को यूपी और केंद्र से बाहर करना ही उनका लक्ष्य है। सिलीगुड़ी में दोनों नेताओं को पार्टी में शामिल कराने के बाद ममता ने कहा कि यूपी के नेताओं का शामिल होना इस बात की गवाही देता है कि हम अब एक अखिल भारतीय पार्टी हैं जो भाजपा को कड़ी टक्कर दे सकती है।

पूर्वांचल में कांग्रेस की धुरी रहा है त्रिपाठी परिवार
पूर्व मुख्यमंत्री कमलापति त्रिपाठी का परिवार पूर्वांचल के साथ ही उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की राजनीति की धुरी रहा है। वाराणसी के औरंगाबाद हाउस के नाम से मशहूर त्रिपाठी परिवार से कांग्रेस का नाता इसी महीने 4 अक्टूबर को टूट गया था। आजादी से पहले ही ललितेश के परदादा कमलापति त्रिपाठी कांग्रेस से जुड़ गए थे। प्रदेश मंत्रिमंडल का हिस्सा रहने के साथ ही 1971 से 73 तक प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे। केंद्रीय राजनीति में जाने पर रेलमंत्री भी रहे। अगली पीढ़ी पं. लोकपति त्रिपाठी और पुत्रवधू चंद्रा त्रिपाठी भी राजनीति में आए। लोकपति कई बार विधायक और कई मंत्रिमंडलों का हिस्सा रहे तो चंद्रा त्रिपाठी चंदौली से सांसद रहीं। लोकपति के बेटे राजेशपति त्रिपाठी भी संगठन के विभिन्न पदों पर रहने के साथ ही विधायक भी रहे। ललितेश पति त्रिपाठी यूपी कांग्रेस के उपाध्यक्ष भी रहे।

ममता ने लखीमपुर भेजी थी टीम
लगातार यूपी को लेकर ममता बनर्जी एक्टिव हैं। लखीमपुर खीरी हिंसा के बाद ममता बनर्जी ने हिंसा में लोगों की मौत की निंदा की और तृणमूल कांग्रेस के सांसदों का एक प्रतिनिधिमंडल भी भेजा था। यह प्रतिनिधिमंडल सबसे पहले किसानों के परिवारों से मिला था। ममता बनर्जी ने ट्वीट करते हुए कहा था कि मैं लखीमपुर खीरी में हुई बर्बर घटना की कड़ी निंदा करती हूं। हमारे किसान भाइयों के प्रति बीजेपी की उदासीनता मुझे बहुत पीड़ा देती है।