UP : चढ़ा राजनीति का पारा, सियासत कर लोगों का दिल जीतने मैदान में उतरे कई दिग्गज

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लखनऊ। यूपी विधानसभा चुनाव का भले ही ऐलान अभी न हुआ हो, लेकिन राजनीतिक दलों ने अपनी जीत के लिए मैदान में ताल अभी से ठोंक दी है। सभी दलों ने अपने-अपने अभियान शुरू कर दिए हैं। सपा प्रमुख अखिलेश यादव बुंदेलखंड के अपनी फ़िज़ा बनाने के लिए दौरे पर हैं तो केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पश्चिमी यूपी को साधने के लिए मिशन में जुट गए हैं। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी भी पश्चिमी यूपी में चुनावी हुंकार भरती नजर आएंगी।

शाह-योगी जुटे पश्चिमी यूपी को साधने में

विधानसभा चुनाव को लेकर बीजेपी ने अपनी सियासी जमीन की तैयारी शुरू कर दी है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, सीएम योगी आदित्यनाथ और डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा सहारनपुर में मां शाकंभरी देवी यूनिवर्सिटी का शिलान्यास करेंगे। इस दौरान अमित शाह एक चुनावी जनसभा को भी संबोधित करेंगे। पश्चिमी यूपी की सियासी जमीन को बीजेपी के लिए उपजाऊ बनाने का जिम्मा अब अमित शाह ने संभाल लिया है, क्योंकि उन्हीं के पास पश्चिमी यूपी में पार्टी के बूथ प्रबंधन का भी जिम्मा है।

पीएम मोदी ने पहले ही तीन कृषि कानूनों को वापस लेकर साफ कर दिया कि वे किसानों को किसी भी सूरत में वोटर के रूप में खोना नहीं चाहते हैं। शाह के सहारनपुर पहुंचने से पहले बीजेपी ने बसपा सुप्रीमो मायावती के करीबी रहे पूर्व विधायक जगपाल सिंह को अपने साथ मिला लिया है, जो बसपा के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। किसान आंदोलन से पश्चिमी यूपी में बिगड़े सियासी समीकरण को भी शाह अपने दौरे से दुरुस्त करते नजर आएंगे।

प्रियंका गांधी मुरादाबाद में भरेंगी हुंकार

पूर्वांचल और बुदंलेखंड के बाद अब कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी पश्चिमी यूपी में पार्टी को मजबूत करने के लिए उतर रही हैं. छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल और पंजाब के सीएम चरणजीत सिंह चन्नी के साथ प्रियंका गांधी प्रतिज्ञा रैली को संबोधित करेंगी. मुस्लिम बाहुल्य और सपा के गढ़ में कांग्रेस की यह रैली पश्चिमी यूपी के लिए बेहद अहम मानी जा रही है, क्योंकि प्रतिज्ञा रैली में मुरादाबाद के अलावा सहारनपुर, बरेली और मेरठ मंडल से पार्टी के नेता और कार्यकर्ता शामिल हो रहे हैं.

प्रियंका गांधी अपनी ससुराल मुरादाबाद में पहली बार चुनावी रैली को संबोधित करने उतर रही हैं, जहां से पश्चिमी यूपी को सियासी संदेश देंगी। महोबा की तरह प्रियंका मुरादाबाद में महिला, युवा और किसानों के लिए बड़ा चुनावी एलान कर सकती हैं। इतना ही नहीं, बुनकरों के मुद्दों को भी प्रियंका गांधी उठा सकती हैं, क्योंकि इस इलाके में बुनकर समाज की बड़ी आबादी है।

अखिलेश यादव लगे बुंदेलखंड को साधने में

सपा के लिए सूखी पड़ी बुंदेलखंड की सियासी जमीन को उपजाऊ बनाने के लिए अखिलेश यादव ने खुद कमर कस ली है. सपा प्रमुख दौरे के पहले दिन बुधवार को बांदा और महोबा में बड़ी भीड़ जुटाकर विपक्षी दलों को अपनी ताकत का अहसास कराया तो दूसरे दिन गुरुवार को ललितपुर में विजय रथ पर सवार होकर जनसभा को संबोधित करने जा रहे हैं।

बुंदेलखंड का इलाका सियासी तौर पर सपा के लिए काफी अहम है, क्योंकि 2017 में यहां से एक भी सीट नहीं मिली थी। बीजेपी ने सभी 19 सीटों पर अपना कब्जा जमाया था। बीजेपी के इस मजबूत गढ़ में सेंधमारी के लिए अखिलेश यादव पहुंचे हैं। फ़िलहाल उन्हें सुनने के लिए जिस तरह से भीड़ जुटी है, जो अन्य दलों की नींद उड़ा सकती है। बहरहाल यूपी की सियासत में मची इस हलचल से साफ हो चुका है कि सूबे में सभी दलों का पारा यहां होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर चढ़ा हुआ है।